Pithoragarh Ganai Gangoli CHC without doctor, angry people warned the government
पिथौरागढ़: उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे तो करती है, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट ही दिखाई दे रही है। पिथौरागढ़ जिले के गणाई गंगोली क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) महीनों से बिना डॉक्टर के ही चल रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल इलाज की जगह सिर्फ रेफर सेंटर ही बनकर रह गया है।
40 हजार की आबादी बेहाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि
40 हजार की आबादी के इलाज के लिए बने इस सीएचसी में आज तक डॉक्टरों की तैनाती ही नहीं हुई। बीमार मरीजों व गर्भवती महिलाओं को जांच और प्रसव जैसे जरूरी इलाज के लिए अल्मोड़ा या हल्द्वानी तक भी जाना पड़ रहा है।
गुस्साए लोगों का प्रदर्शन
कनिष्ठ प्रमुख कविता डोबाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन भी किया। उनका कहना है कि यहां 5 डॉक्टरों के पद ही स्वीकृत हैं, लेकिन एक भी डॉक्टर की तैनाती ही नहीं की गई। मामूली बीमारी तक के मरीजों को रेफर भी कर दिया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक व शारीरिक दोनों तरह की परेशानी भी उठानी पड़ रही है।
लापरवाही पर नाराजगी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग ने पहले 2 डॉक्टरों की तैनाती का आदेश भी जारी किया था, लेकिन डेढ़ माह बाद भी कोई डॉक्टर सीएचसी नहीं पहुंचा। इस लापरवाही से क्षेत्र के लोगों में गहरी नाराजगी भी है।
CMO का आश्वासन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी पिथौरागढ़ डॉ. संतोष नबियाल ने कहा कि
शासन स्तर पर इस मामले की जानकारी भेज भी दी गई है और जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती भी कर दी जाएगी।
