Paramilitary forces will get the benefit of CGHS, 16 years old struggle got success
हल्द्वानी/नैनीताल: कुमाऊं के करीब 50 हजार अर्द्धसैनिक बलों के जवानों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी भी होने जा रही है। हल्द्वानी व नैनीताल में जल्द ही केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) की सुविधा भी शुरू होगी।
पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन के 16 वर्षों के निरंतर प्रयास रंग भी लाए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए हैं। साथ ही देशभर में 22 नए CGHS सेंटर खोलने के लिए 286 पदों का सृजन किया गया है।
हल्द्वानी-नैनीताल CGHS सेंटर की विशेषताएं
- सेंटर में होंगे 4 डॉक्टर व 13 स्टाफ
- ओपीडी से लेकर गंभीर रोगों का इलाज उपलब्ध
- रेफरल सुविधा: गंभीर मरीजों को CGHS संबद्ध अस्पतालों में भेजा जाएगा
- कार्डधारकों को मिलेगा कैशलेस व नि:शुल्क इलाज
CGHS कार्ड शुल्क (रैंक के अनुसार)
- सिपाही/हवलदार – ₹30,000
- सब इंस्पेक्टर – ₹54,000
- इंस्पेक्टर से डिप्टी कमांडेंट – ₹78,000
- डिप्टी कमांडेंट से ऊपर अधिकारी – ₹1,20,000
वर्तमान में कुमाऊं में 50 हजार से अधिक सेवारत व सेवानिवृत्त अर्द्धसैनिक बल के जवान भी हैं। लंबे समय से हल्द्वानी व नैनीताल में CGHS सुविधा की मांग हो रही थी, जो अब पूरी भी होने वाली है।
दरवान सिंह बोहरा, सेनि. डिप्टी कमांडेंट व जिलाध्यक्ष (नैनीताल) अर्द्धसैनिक बल संगठन ने कहा –
“यह पूरे कुमाऊं के जवानों की बड़ी जीत है। अब हमारा अगला प्रयास होगा कि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक भी यह सुविधा भी पहुंचे।”
