Captains who got out on zero are claiming to have won the final, Congress's situation is laughable Manveer Chauhan
उत्तराखंड की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी बयानबाजी अब तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सीएम हरीश रावत पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बिना टीम के फाइनल जीतने का दावा करना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत वो कप्तान हैं जो दो चुनावों में शून्य पर आउट हो चुके हैं और उनके नेतृत्व में कांग्रेस को करारी हार का सामना भी करना पड़ा।
चौहान ने कहा कि
कांग्रेस अब खुद ही अपनी रणनीति व नेतृत्व को लेकर सवालों के घेरे में है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के “लंगड़े घोड़े” वाले बयान को खुद कांग्रेस नेता हरीश रावत से ही जोड़ा जा रहा है। हाल ही में एक कांग्रेस विधायक के साथ वरिष्ठ नेता के बीच हुई तकरार को भी इसी असंतोष की ही कड़ी बताया।
कांग्रेस में भ्रम और नेतृत्व संकट : चौहान
चौहान ने कहा कि 2017 व 2022 के चुनावों में कांग्रेस की बुरी हार यह साबित करती है कि हरीश रावत की कप्तानी में पार्टी मैदान से ही गायब रही। उन्होंने कटाक्ष किया कि अब हरदा खुद भी मान रहे हैं कि उन्हें मैदान में नहीं होना चाहिए था।
भाजपा के पास है मजबूत नेतृत्व
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी के पास सीएम पुष्कर सिंह धामी जैसे ऑलराउंडर नेता हैं जो न केवल बेहतर नेतृत्व करते हैं बल्कि विपक्ष को रणनीतिक रूप से भी मात देते हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता बार-बार भाजपा को विकास के नाम पर मौका भी दे रही है और कांग्रेस को अब तक माफ नहीं किया है।
आरक्षण का राग और सेमीफाइनल की बहस
चौहान ने कांग्रेस पर पंचायत चुनावों को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस सरकार पर चुनाव न कराने का आरोप लगा रही थी और अब जब चुनाव घोषित भी हो गए हैं, तो आरक्षण का मुद्दा उठाकर हार की आशंका से खुद ही पीछे हटने का बहाना भी बना रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी किया गया आरक्षण रोस्टर पूरी तरह विधिसम्मत है और सभी आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है। कांग्रेस अब पंचायत चुनावों को 2027 का सेमीफाइनल भी बता रही है, जबकि उसकी जमीनी स्थिति बेहद ही कमजोर है।
चौहान का व्यंग्यात्मक हमला
चौहान ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस को यदि फाइनल की बात करनी है, तो पहले उसे एक स्थायी कप्तान व ठोस टीम की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भले ही कांग्रेस में कोई भी चेहरा सामने आए, लेकिन पर्दे के पीछे हरीश रावत ही सुपर बॉस भी बने हुए हैं। भाजपा का संगठनात्मक ढांचा, कार्यकर्ता व युवा शक्ति हर जिले में सक्रिय है जबकि कांग्रेस पंचायत स्तर तक अस्तित्वहीन होती भी जा रही है।
राज्य की राजनीति में पंचायत चुनावों को लेकर सियासी तापमान भी चढ़ चुका है। जहां कांग्रेस इन चुनावों को सेमीफाइनल बता रही है, वहीं भाजपा इसे एक और जीत के रूप में भी देख रही है। अब देखना होगा कि जनता किसकी रणनीति को सफल बनाती है।
