Uttarakhand to reduce grid failure risk, new draft issued to strengthen power supply
देहरादून: उत्तराखंड में बढ़ती बिजली मांग के बीच ग्रिड की सुरक्षा व निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने “सहायक सेवाएं विनियम-2026” का ड्राफ्ट भी जारी किया है। नए नियम लागू होने के बाद बिजली ग्रिड को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय व स्थिर बनाया जा सकेगा।
ड्राफ्ट के तहत ग्रिड संतुलन के लिए सेकेंडरी व टर्शियरी रिजर्व जैसी दो विशेष सेवाएं लागू भी की जाएंगी। सेकेंडरी रिजर्व ऑटोमैटिक सिग्नल मिलने के 30 सेकंड के भीतर सक्रिय होकर ग्रिड को संभालेगा, जबकि जरूरत पड़ने पर टर्शियरी रिजर्व अतिरिक्त बैकअप भी प्रदान करेगा।
स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) बिजली कंपनियों को स्वचालित संकेत भी भेजेगा। बेहतर व त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली कंपनियों को 50 पैसे प्रति यूनिट तक का अतिरिक्त इंसेंटिव भी मिलेगा। वहीं लगातार खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई व जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है।
आयोग ने ड्राफ्ट पर आम जनता व हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। सुझावों के बाद नियमों को अंतिम रूप देकर पूरे राज्य में लागू भी किया जाएगा।
