Fire watchers will now be deployed in winters as well, a new strategy has been prepared to tackle forest fires.
देहरादून: उत्तराखंड में बदलते मौसम के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं अब केवल गर्मियों तक ही सीमित नहीं रह गई हैं। सर्दियों में भी बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करने का फैसला भी किया है।
मुख्य वन संरक्षक (वनाग्नि नियंत्रण) सुशांत पटनायक ने बताया कि अब सर्दियों के दौरान भी फायर वॉचर तैनात भी किए जाएंगे। बर्फबारी व बारिश में कमी के कारण सर्दियों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसे गंभीरता से भी लिया जा रहा है।
वन विभाग के अनुसार, नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 के बीच जंगल में आग की 65 घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 42 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित भी हुआ। इसे देखते हुए नंदा देवी क्षेत्र में नए क्रू स्टेशन स्थापित किए जाएंगे व सर्दियों की आग के लिए अलग फायर प्लान भी तैयार किया जाएगा।
विभाग ने अग्नि काल 2027 की तैयारियां अभी से शुरू करने का निर्णय भी लिया है। जनवरी-फरवरी से फायर लाइन की सफाई, संसाधनों की समीक्षा व क्रू स्टेशनों में कर्मियों की तैनाती जैसे कार्य किए जाएंगे। साथ ही वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों में वृक्षारोपण व आग के पूर्वानुमान को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग किया जाएगा।
