Second phase of Char Dham Yatra begins; over 5.05 million pilgrims have already offered prayers.
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण का आगाज मंगलवार (आज) से हो गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। आस्था के सामने खराब मौसम व यात्रा मार्गों पर भूस्खलन भी चुनौती बन रही है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के पास रविवार देर शाम पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक घोड़ा संचालक और एक खच्चर गंभीर रूप से घायल हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन व प्रशासन की टीम मौके पर तैनात है।
19 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा का पहला पड़ाव पूरा हो गया है। 15 सितंबर से यात्रा का दूसरा चरण शुरू होगा। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री सहित हेमकुंड साहिब में फिर से तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसके लिए प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन, बीकेटीसी ने तीर्थयात्रियों के सुगम, सुरक्षित व व्यवस्थित दर्शन के लिए व्यवस्थाओं के इंतजाम किए हैं। यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को पंजीकरण अनिवार्य रूप से करना होगा। इसके लिए ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा है।
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम आने वाले वीआईपी अतिथियों को प्राथमिक दर्शन के लिए शुल्क नहीं देना होगा। बीकेटीसी ने फिलहाल 1100 रुपये प्रति यात्री शुल्क की व्यवस्था स्थगित करने का निर्णय लिया है। यात्रा शुरू होने के बाद वीआईपी अतिथियों की संख्या बढ़ने के चलते प्राथमिक दर्शन के लिए यह शुल्क लागू किया गया था।
15 सितंबर से शुरू होगी केदारनाथ हेली सेवा
करीब सवा दो महीने बाद केदारनाथ धाम के लिए 15 सितंबर से हेली सेवा दोबारा शुरू हो रही है। गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलीपैड से नौ एविएशन कंपनियों के हेलिकॉप्टर उड़ान भरेंगे। खराब मौसम की स्थिति में हेलिकॉप्टरों को उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी। 30 सितंबर तक की हेली टिकट बुकिंग पूरी हो चुकी है। वहीं, 1 से 15 अक्टूबर तक केदारनाथ और हेमकुंड साहिब हेली सेवा की टिकट बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट 22 सितंबर को खुलेगी। हेमकुंड साहिब की 15 से 30 सितंबर तक की यात्रा के लिए सोमवार से टिकट बुकिंग शुरू हुई, जिसमें पहले दिन 223 टिकट ऑनलाइन बुक किए गए।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि केदारनाथ हेली सेवा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हेली ऑपरेटरों के हेलिकॉप्टर सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी हेलीपैड पहुंच चुके हैं। डीजीसीए की टीम ने सहस्त्रधारा, केदारनाथ सहित अन्य हेलीपैड का सुरक्षा ऑडिट भी किया है। मौसम की जानकारी के लिए सहस्त्रधारा और केदार घाटी में सीतापुर के पास एटीएस संचालित है। उन्होंने यात्रियों से हेली सेवा की ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करने की अपील की है।
हेली सेवा का किराया (आने-जाने का):
गुप्तकाशी से केदारनाथ: 12,762 रुपये
फाटा से केदारनाथ: 10,164 रुपये
सिरसी से केदारनाथ: 6,390 रुपये
गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब: 11,834 रुपये
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्गों पर यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और विभाग आपसी समन्वय से यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस बार भी चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड बनाएगी।
