Kedartal avalanche incident Four youths from West Bengal and a local tracker missing; two sisters from Lucknow dead
उत्तरकाशी के केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन के बाद लापता पर्वतारोहियों की तलाश जारी है। इस हादसे में पश्चिम बंगाल के बाकुड़ा जिले के साल्बनी गांव के चार युवक और उनके साथ ट्रैकिंग पर गया केशरा गांव का एक युवक भी लापता है। पांचों पिछले छह दिनों से लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, ट्रैकिंग की शौकीन लखनऊ की दो बहनों के लिए केदारताल का सफर आखिरी साबित हुआ। रेस्क्यू अभियान में अब तक चार पर्वतारोहियों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
लापता युवकों की पहचान पश्चिम बंगाल के साल्बनी गांव निवासी तपस बाउरी (30), रतन घोष (23), रिंटु मंडल (40), उदय घोष (30) और उनके दोस्त केशरा गांव निवासी मनोज खोवास (39) के रूप में हुई है। हालांकि, अभियान के दौरान दो पुरुष ट्रैकर्स के शव बरामद हुए हैं, लेकिन उनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बरामद शव लापता पांच युवकों में से किनके हैं।
लापता ट्रैकर रिंटु मंडल के भांजे सुब्रतो मंडल के मुताबिक, उनके मामा और उनके दोस्त पहले भी एक साथ कई ट्रैकिंग अभियान में शामिल हो चुके थे। ये लोग इससे पहले देश के अलग-अलग स्थानों पर चार बार ट्रैकिंग कर चुके थे। रिंटु एक फैक्टरी में सुपरवाइजर के पद पर काम करते थे। उनके साथ ट्रैकिंग पर गए तीन अन्य युवक भी उसी फैक्टरी में कार्यरत थे। सभी छुट्टी लेकर केदारताल ट्रैक पर पहुंचे थे।
इस हादसे में लखनऊ निवासी दो बहनों दीपिका वर्मा और वर्तिका वर्मा की भी मौत हो गई है। दोनों लंबे समय से ट्रैकिंग की शौकीन थीं और करीब दो महीने पहले ही चमोली स्थित फूलों की घाटी का ट्रैक पूरा किया था। बहनों की तलाश में पहुंचे उनके भाई अतुल वर्मा ने दोनों के शवों की शिनाख्त की और इसकी सूचना परिवार को दी।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि दोनों मृतक महिलाओं की पहचान लखनऊ के गायत्रीपुरम निवासी दीपिका वर्मा और वर्तिका वर्मा के रूप में हुई है। उनके भाई अतुल वर्मा ने शवों की शिनाख्त की है, जबकि बरामद दो अन्य पुरुष पर्वतारोहियों के शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
केदारताल ट्रैक पर फंसे पर्वतारोहियों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। हालांकि, बुधवार दोपहर बाद क्षेत्र में दोबारा बर्फबारी शुरू होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। अब बृहस्पतिवार को शेष लापता पर्वतारोहियों की तलाश के लिए अभियान फिर शुरू किया जाएगा।
