Himachal Budget 2025 25,000 posts will be recruited, employees and pensioners will get a gift, know the major announcements
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज सोमवार को विधानसभा में 2025-26 के लिए अपने कार्यकाल का तीसरा बजट प्रस्तुत किया। वित्त मंत्री के रूप में प्रस्तुत किए गए इस बजट का कुल आकार 58,514 करोड़ रुपये है। इसमें वर्ष 2025-26 में प्रदेश के अनुमानित राजस्व प्राप्तियां 42,343 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि कुल राजस्व व्यय 48,733 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसके परिणामस्वरूप, कुल राजस्व घाटा 6,390 करोड़ रुपये और राजकोशीय घाटा 10,338 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.04 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बजट के प्रमुख बिंदुओं को साझा करते हुए कहा कि
- कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणाएं: बजट में कर्मचारियों, पेंशनरों, रोजगार, महिलाओं, ग्रामीण विकास, कृषि-बागवानी और अन्य क्षेत्रों के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री खुद अपनी ऑल्टो कार में विधानसभा पहुंचे, जो एक प्रतीकात्मक कदम था।
- 25,000 नई भर्तियां: मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न विभागों में कुल 25,000 नई भर्तियों की घोषणा की। इनमें 1,000 शिक्षकों की भर्ती, पुलिस विभाग में 1,000 कांस्टेबल्स की भर्ती और स्वास्थ्य सेवाओं में 290 नई आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति शामिल है।
- पेंशनरों और कर्मचारियों को मिलेगा एरियर: राज्य के पेंशनरों को 15 मई से बकाया एरियर मिलना शुरू होगा, और कर्मचारियों को महंगाई भत्ता भी मिलेगा। दिहाड़ी मजदूरों की दिहाड़ी में 25 रुपये की वृद्धि की गई है।
- महिलाओं और ग्रामीण विकास पर जोर: मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए “इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना” का विस्तार करते हुए हर बेटी को 1500 रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा, 70 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले दिव्यांगजनों के विवाह के लिए प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है।
- कृषि और बागवानी के लिए योजनाएं: प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक लाख किसानों को प्राकृतिक खेती में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है, जैसे कि गाय के दूध का मूल्य 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर किया गया है।
- आधुनिक सुविधाओं का विस्तार: प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 500 ई-बसों की खरीद, नई जलाशयों के निर्माण, और स्मार्ट सिटी के तहत शिमला और अन्य शहरों में कई विकास कार्यों का ऐलान किया गया।
- नशामुक्ति और पुनर्वास योजना: नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए एक विशेष बोर्ड का गठन किया जाएगा और नशा मुक्ति केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा, एक नया एक्ट भी लाया जाएगा जो नशे से जूझ रहे लोगों के लिए पुनर्वास केंद्र स्थापित करेगा।
- सड़क और परिवहन योजनाएं: मुख्यमंत्री ने सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। इसके तहत, 345 करोड़ रुपये से 6 सड़कों और पुलों के निर्माण कार्य की शुरुआत होगी। साथ ही, शिमला में 14.79 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण भी शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस बजट को प्रदेश के हर वर्ग के लिए समर्पित बताते हुए कहा कि यह बजट हिमाचल प्रदेश को विकास के नए आयाम पर ले जाने वाला भी होगा।
