Anna Hazare writes to PM Modi, demands resignation of Education Minister Dharmendra Pradhan.
अहिल्यानगर/नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की है।
अपने पत्र में अन्ना हजारे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा व पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताते हुए कहा कि लोकतंत्र में संवाद हमेशा टकराव से बेहतर रास्ता भी होता है। उन्होंने कहा कि देशभर के लाखों युवा पेपर लीक, भर्ती में देरी व बेरोजगारी जैसी समस्याओं से परेशान हैं और उनकी आवाज़ को गंभीरता से भी सुना जाना चाहिए।
हजारे ने 2024 के नीट पेपर लीक विवाद का भी उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासनिक विफलताओं की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी विभाग में गंभीर चूक होती है तो मंत्री का इस्तीफा लोकतांत्रिक जवाबदेही का हिस्सा भी होना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों व अभिभावकों से सरकार की ओर से कोई सार्थक बातचीत नहीं की गई। साथ ही, सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कार्रवाई पर सवाल भी उठाए।
अन्ना हजारे ने पत्र के अंत में कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की बात सुनने, विश्वास कायम करने व संवाद के जरिए समाधान निकालने में है।
