Dehradun District administration implements CM's Surakshit Jan initiative, cancels licenses of 6 liquor shops
देहरादून I मुख्यमंत्री की “सुरक्षित जन” पहल को आगे बढ़ाते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए शहर में यातायात में बाधक बन चुकी 6 शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। ये सभी दुकानें सार्वजनिक मार्गों पर भीड़भाड़ व दुर्घटनाओं का कारण भी बन रही थीं, जिन्हें हटाने के निर्देश पहले ही जारी भी किए गए थे। आदेशों की अनदेखी करने पर अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए ताले भी जड़ दिए हैं।
कोर्ट और आबकारी विभाग ने भी माना फैसला जायज़
जिन दुकानदारों ने इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, उन्हें भी निराशा हाथ लगी। हाईकोर्ट ने सभी 6 याचिकाएं खारिज कर दीं। वहीं, आबकारी आयुक्त ने भी जिलाधिकारी के निर्णय को उचित बताते हुए इसे मंजूरी भी दी है।
इन छह शराब दुकानों के लाइसेंस हुए रद्द:
- जीएमएस रोड (विदेशी शराब)
- बिंदालपुल चकराता रोड-2 (विदेशी शराब)
- डालनवाला (निकट परेड ग्राउंड)
- अधोईवाला चूना भट्टा (देशी-विदेशी शराब)
- करनपुर परेड ग्राउंड (देशी शराब)
पुलिस की सिफारिश पर डीएम की कार्रवाई
27 मार्च को जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक ने इन 6 दुकानों को सड़क हादसों और ट्रैफिक जाम का प्रमुख कारण बताया था। इस पर डीएम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह में दुकानों को स्थानांतरित करने के आदेश भी दिए थे।
सशक्त सड़क सुरक्षा समिति की निर्णायक भूमिका
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित सड़क सुरक्षा समिति ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदत्त अधिकारों के तहत जनहित में निर्णायक भूमिका भी निभाई है। समिति अब लगातार ऐसे स्थानों की पहचान भी कर रही है जो सड़क सुरक्षा व जनसुरक्षा के लिए खतरा भी बन चुके हैं।
डीएम सविन बंसल का स्पष्ट संदेश:
“जनजीवन और जनसुरक्षा से जुड़े किसी भी अवरोध को बर्दाश्त ही नहीं किया जाएगा। नियमों की अवहेलना करने वालों पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।”
जिला प्रशासन की इस निर्णायक कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि जनहित सर्वोपरि है और नियमों की अवहेलना करने वालों के लिए अब कोई राहत ही नहीं बची है।

