Questions still linger over the death of Nithari case accused Surendra Koli
Questions still linger over the death of Nithari case accused Surendra Koli
निठारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की मौत के चार दिन बाद भी स्थिति साफ नहीं हुई है। पिछले साल सभी 13 मामलों में बरी हुए कोली की मौत पर उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि मौत आत्महत्या से हुई या किसी अन्य वजह से, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। रिपोर्ट एक-दो दिन में आने की उम्मीद है।
पुलिस के मुताबिक, कोली के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले, हालांकि नाक और मुंह के पास खून के निशान दिखाई दिए। शुरुआती जांच में मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले, लेकिन अब तक कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है।
हरिद्वार के सप्तऋषि इलाके में कोली ने एक छोटी किराए की दुकान लेकर चाय बेचना शुरू किया था। चार दिन बाद ही वह मृत मिले। पुलिस के अनुसार, वह आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे और दुकान शुरू करने के लिए उन्होंने 5 हजार रुपये उधार लिए थे।
पुलिस के मुताबिक, कोली पहचान छिपाकर रह रहे थे और आधार कार्ड या पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार नौकरी छोड़नी पड़ती थी। हरिद्वार में कम समय के दौरान उन्हें चार बार कमरे भी बदलने पड़े।
निठारी मामला 2006 में नोएडा के सेक्टर-31 में सामने आया था, जब मोनिंदर सिंह पंढेर के बंगले के पीछे और नालियों से कंकाल, खोपड़ियां और हड्डियां बरामद हुई थीं। कोली पंढेर के घर पर घरेलू सहायक के तौर पर काम करते थे। सह-आरोपी पंढेर भी कई साल जेल में रहे और बरी होने के बाद 20 अक्टूबर 2023 को रिहा हुए।
निठारी कांड के 13 मामलों में कोली को दोषी ठहराया गया था, लेकिन बाद में सभी मामलों में वह बरी हो गया। आखिरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में उसे बरी किया था।
