DM strict on procrastination in insurance amount, said - if payment is not made by June 16 then bank will be closed
सीएम पुष्कर सिंह धामी की जनसेवा भावना से प्रेरित होकर जिलाधिकारी सविन बंसल एक के बाद एक जनहित में कड़े फैसले भी ले रहे हैं। इसी क्रम में डीएम जन दर्शन कार्यक्रम एक बार फिर असहायों का संबल बनकर भी सामने आया है। इस बार मामला था एक विधवा महिला सीमा गुप्ता का, जो पति की मृत्यु के बाद एक वर्ष से बैंक और बीमा कंपनी के चक्कर लगा रही थीं।
पति की मृत्यु के बाद नहीं मिला बीमा लाभ, डीएम ने सुनाया सख्त फैसला
सीमा गुप्ता के पति की मृत्यु 15 मई 2024 को हो गई थी। उनके पति ने डीसीबी प्रा.लि. बैंक से 15.50 लाख रुपये का ऋण भी लिया था, जिसे आईसीआईसीआई लोम्बार्ड से बीमित भी किया गया था। लेकिन पति की मृत्यु के बाद न तो बैंक ने किश्त वसूली बंद की और न ही बीमा कंपनी ने ऋण भुगतान भी किया।
एक वर्ष से न्याय की राह देख रही सीमा जब डीएम जन दर्शन में पहुंचीं, तो जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल डीसीबी बैंक प्रबंधक को तलब किया। प्रकरण में लापरवाही बरतने और सीमा को उसका हक न देने पर डीएम ने कड़ा कदम उठाते हुए रु. 17.05 लाख की रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) बैंक प्रबंधक के विरुद्ध जारी भी कर दी।
16 जून तक देना होगा बीमा लाभ, वरना व्यापार पर लगेगा ताला
डीएम सविन बंसल ने साफ निर्देश दिए हैं कि 16 जून तक सीमा गुप्ता को बीमा राशि का लाभ मिल जाना चाहिए, अन्यथा संबंधित बैंक का पूरा व्यापार बंद ही करवा दिया जाएगा। इस चेतावनी के बाद प्रशासन ने 9 जून को बैंक प्रबंधक के विरुद्ध आरसी भी जारी कर दी।
जनहित में लगातार निर्णायक फैसले
जिलाधिकारी सविन बंसल लगातार जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित व ठोस फैसले लेकर प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास जगा रहे हैं। मुख्यमंत्री के ‘सुरक्षित जन, सशक्त जन’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए डीएम जन दर्शन, अब केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि आम जनता के अधिकारों की रक्षा का एक प्रभावी मंच भी बन चुका है।
सीमा गुप्ता की आंखों में उम्मीद की चमक
करीब एक साल बाद न्याय की उम्मीद की लौ जलती देख सीमा गुप्ता ने कहा,
“मैंने हर दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन सिर्फ डीएम साहब ने मेरी बात सुनी और तुरंत न्याय दिया। आज मैं राहत महसूस कर रही हूं।”
