ऑनलाइन उत्पीड़न की शिकायत अब गुमनाम तरीके से भी संभव, साइबर पुलिस ने लोगों को किया जागरूक
डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध व ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने पीड़ितों के लिए गुमनाम शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध भी कराई है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल Cyber Crime Portal पर विशेष रूप से महिलाओं व बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों की शिकायत बिना पहचान उजागर किए दर्ज भी की जा सकती है।
पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के लिए पीड़ित को वेबसाइट पर जाकर “महिलाओं/बच्चों से संबंधित अपराध” सेक्शन में “गुमनाम रूप से पंजीकरण करें” विकल्प भी चुनना होता है। इसके बाद घटना से जुड़ी जानकारी जैसे तारीख, समय, प्लेटफॉर्म व आरोपी की प्रोफाइल लिंक या यूआरएल अपलोड की जा सकती है। पीड़ित स्क्रीनशॉट, चैट रिकॉर्ड व अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पोर्टल पर जमा कर सकते हैं।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी ऑनलाइन धमकी, अश्लील संदेश, फर्जी प्रोफाइल, ब्लैकमेलिंग या सोशल मीडिया उत्पीड़न से जुड़े मामलों में स्क्रीनशॉट व डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही जांच और कार्रवाई में अहम साक्ष्य भी बनते हैं।
अजय सिंह ने कहा कि कई लोग पहचान उजागर होने के डर से शिकायत दर्ज कराने से भी बचते हैं। इसी को देखते हुए पोर्टल पर गुमनाम शिकायत की सुविधा भी दी गई है। उन्होंने लोगों से साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने व किसी भी ऑनलाइन फ्रॉड की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की अपील भी की।
इधर साइबर पुलिस ने फेक लोन ऐप्स को लेकर भी एडवायजरी भी जारी की है। पुलिस के मुताबिक साइबर ठग सोशल मीडिया पर आसान व तुरंत लोन देने के नाम पर लोगों को फर्जी ऐप डाउनलोड करवाते हैं। ऐप इंस्टॉल होते ही मोबाइल के कॉन्टैक्ट्स, गैलरी व निजी डाटा तक पहुंच बना ली जाती है। इसके बाद तस्वीरों को एडिट कर आपत्तिजनक फोटो बनाकर ब्लैकमेलिंग भी की जाती है।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान या बिना सत्यापन वाले लोन ऐप को डाउनलोड न करें व सोशल मीडिया पर दिखने वाले संदिग्ध लिंक या आकर्षक विज्ञापनों से भी सावधान रहें।