सीएम धामी ने युवाओं से किया संवाद, नशे और भविष्य की चुनौतियों पर हुई चर्चा
देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम के दौरान प्रदेशभर के विद्यार्थियों से संवाद किया। कार्यक्रम में ढाई लाख से अधिक युवा वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस दौरान युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, नशे की समस्या और उत्तराखंड के विकास से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के सामने रखे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आने वाले समय में युवाओं के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। कोई उद्यमी, डॉक्टर, किसान या शिक्षक बनकर देश और प्रदेश के निर्माण में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट रहना होगा और एक संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।
सीएम ने कहा कि जीवन में लक्ष्य तय करने के बाद किसी तरह का विकल्प नहीं रखना चाहिए, क्योंकि विकल्प होने से व्यक्ति अपने लक्ष्य से भटक सकता है। उन्होंने युवाओं से मिशन की तरह अपने लक्ष्य पर काम करने और राज्य व देश का नाम रोशन करने की अपील की।
संवाद के दौरान युवाओं ने प्रदेश में बढ़ते नशे के खतरे को लेकर भी चिंता जताई। एक छात्र ने कहा कि मोहल्लों और स्कूलों के आसपास शराब और नशे की बिक्री से युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। वहीं, छात्राओं ने भी नशे की दुकानों पर रोक लगाने और पहाड़ों में शराब की समस्या को खत्म करने की मांग उठाई।
इस पर मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए कौशल विकास और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्किल सीखने के साथ अपने भविष्य पर ध्यान देना चाहिए, ताकि वे नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रह सकें।
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि बच्चों को सही संस्कार और मार्गदर्शन देना परिवार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण का उदाहरण देते हुए युवाओं को अपनी संस्कृति और देश के प्रति गर्व के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।