Elderly living alone face increased hardships; Difficulties range from queues at banks and hospitals to the challenges of travel.
अल्मोड़ा जिले में बच्चों के रोजगार के लिए बाहर रहने और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण कई वरिष्ठ नागरिक अकेले जीवन बिता रहे हैं। ऐसे बुजुर्गों को रोजमर्रा के छोटे-छोटे कामों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। बैंक और अस्पताल जैसी जरूरी सेवाओं में उम्र के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ रही है।
वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि 70 से 80 वर्ष की उम्र के लोगों को भी बैंकों में आम उपभोक्ताओं के साथ कतार में खड़ा होना पड़ता है। घंटों इंतजार के दौरान पैरों और घुटनों में दर्द की समस्या होती है। उनका कहना है कि बैंक और अस्पतालों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सेवाएं मिल सकें।
अस्पतालों में पर्ची और उपचार के लिए भी बुजुर्गों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है। पहले से बीमार वरिष्ठ नागरिकों के लिए घंटों की यह प्रतीक्षा परेशानी और बढ़ा देती है।
रानीखेत के बुजुर्गों के लिए जिला मुख्यालय तक पहुंचना भी चुनौती बना हुआ है। वृद्धजनों ने रोडवेज की निशुल्क सुविधा का लाभ नहीं मिल पाने की शिकायत की है। बदहाल सड़कों के कारण बसों तक पहुंचने और सफर के दौरान भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले 10 रुपये किराये वाले टेंपो चलते थे, जिससे बुजुर्गों को छोटी दूरी के आवागमन में सुविधा मिलती थी, लेकिन लंबे समय से सेवा बंद होने के कारण उन्हें अधिक किराया देना पड़ रहा है।
पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन ‘भल छौ’ के तहत टीम जिले में रहने वाले एकल बुजुर्गों के घर जाकर उनकी पारिवारिक, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेती है। साथ ही उन्हें साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया जाता है। हालांकि, कुछ बुजुर्गों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में उनके लिए विशेष व्यवस्था नहीं है और दुर्गम क्षेत्रों में नियमित रूप से हालचाल लेने की सुविधा भी नहीं पहुंच पाती।
डे केयर सेंटर अल्मोड़ा के अध्यक्ष हेम चंद्र जोशी ने बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर की मांग की। महासचिव मोहन चंद्र कांडपाल ने अस्पतालों में पर्ची और उपचार के दौरान बुजुर्गों को प्राथमिकता देने की बात कही। रानीखेत के अगस्त लाल साह ने निशुल्क रोडवेज सुविधा और सड़कों की स्थिति का मुद्दा उठाया, जबकि आनंद अग्रवाल ने सस्ती स्थानीय परिवहन व्यवस्था के लिए टेंपो सेवा बहाल करने की मांग की। वहीं, सीओ अल्मोड़ा बलवंत सिंह रावत ने बताया कि ऑपरेशन ‘भल छौ’ के तहत पुलिस टीम बुजुर्गों के घर जाकर उनका हालचाल जानती है और साइबर ठगी से बचाव को लेकर जागरूक करती है।
