Qazi Nizamuddin questions the electoral process; raises objections regarding voter lists and the administrative role.
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने चुनाव प्रक्रियाओं की निष्पक्षता, मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और प्रशासनिक तंत्र की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। बुधवार को कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की कथित धांधली को स्वीकार नहीं करेगी।
काजी निजामुद्दीन ने पंचायत, निकाय, सहकारिता और छात्र संघ चुनावों के उदाहरण देते हुए अपनी आपत्तियां रखीं। उन्होंने हरिद्वार जिले के नाथूनखेड़ी में सुशील कुमार के पंचायत प्रधान चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि सुशील कुमार 22 वोटों से जीतने के बाद आठ बार मतगणना कराए जाने के बाद एक वोट से हार गए।
उन्होंने 2025 के मंगलौर निकाय चुनाव में चौधरी इस्लाम का नामांकन रद्द किए जाने का भी मुद्दा उठाया। काजी निजामुद्दीन के मुताबिक, नजूल भूमि पर कब्जे की शिकायत के आधार पर उनका नामांकन रद्द किया गया था। उन्होंने सहकारिता चुनाव में परिसीमन की अधिसूचना के बाद 15 दिन के भीतर संशोधन किए जाने और डीएवी कॉलेज देहरादून के छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई नेता विनीत भट्ट की गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठाए।
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी काजी निजामुद्दीन ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के मताधिकार की सुरक्षा के लिए आवाज उठाएगी और किसी भी व्यक्ति के मताधिकार का उल्लंघन नहीं होने देगी। एसआईआर को लेकर देशभर में राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग दावे और आपत्तियां सामने आई हैं, जबकि निर्वाचन आयोग ने हाल में प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही है।
प्रेसवार्ता में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुलेमान अंसारी और सोशल मीडिया चेयरमैन अभिनव थापर समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
