Big cut in repo rate RBI reduced repo rate to 5.5%, will get relief in loan EMI
नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आज शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में प्रमुख रेपो दर में 50 आधार अंकों (bps) की कटौती की घोषणा की है, जिससे यह दर 5.5% पर भी पहुँच गई है। यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि को प्रोत्साहित करने व महंगाई को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भी माना जा रहा है।
इसके साथ ही, केंद्रीय बैंक ने कैश रिज़र्व रेशियो (CRR) में भी 100 आधार अंकों की कटौती की है, जिससे यह 4% से घटकर 3% भी हो गया है। इस निर्णय से बैंकों के पास अतिरिक्त ₹2.5 लाख करोड़ की तरलता उपलब्ध होगी, जो उन्हें अधिक ऋण देने में सक्षम भी बनाएगी और बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा ।
होम लोन और पर्सनल लोन पर असर
इस रेपो दर में कटौती का सीधा प्रभाव होम लोन व पर्सनल लोन की ब्याज दरों पर पड़ेगा, जिससे मासिक किस्तों (EMI) में कमी भी आएगी। उदाहरण के लिए,
यदि आपने ₹50 लाख का 30 वर्ष का होम लोन लिया है और ब्याज दर 8.70% है, तो वर्तमान EMI ₹39,136 होगी। रेपो दर में 50 bps की कटौती के बाद, यदि ब्याज दर 8.20% हो जाती है, तो नई EMI ₹37,346 होगी, जिससे मासिक बचत ₹1,790 व वार्षिक बचत ₹21,480 होगी।
इसी तरह, ₹5 लाख के 5 वर्ष के पर्सनल लोन पर 12% ब्याज दर से वर्तमान EMI ₹11,122 है। ब्याज दर में 50 bps की कटौती के बाद, यदि ब्याज दर 11.50% हो जाती है, तो नई EMI ₹10,963 होगी, जिससे मासिक बचत ₹159 और वार्षिक बचत ₹1,908 होगी।
बाजार पर प्रभाव
रेपो दर में की गई इस कटौती के बाद, भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान भी देखने को मिला है। Nifty 50 में 0.94% और BSE Sensex में 0.9% की वृद्धि भी हुई है। रियल एस्टेट, ऑटो और वित्तीय क्षेत्रों में भी मजबूती भी देखी गई है ।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उपभोक्ता खर्च को प्रोत्साहित करेगा व आर्थिक विकास को गति भी देगा। हालांकि, यह भी देखा जाएगा कि बैंकों द्वारा इस दर कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक कितनी जल्दी से पहुँचता है।
इस निर्णय से होम लोन व पर्सनल लोन लेने वालों को राहत मिलेगी, और यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत भी है।
