Homestays and B&Bs in Uttarakhand to receive green certification; Tourism Department launches new initiative.
उत्तराखंड में सतत और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट यानी बीएंडबी संचालकों को ग्रीन मान्यता दिलाने की नई पहल शुरू की है। यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम यानी यूएनडीपी के सहयोग से 10 मानकों के आधार पर तीन श्रेणियों में ग्रीन मान्यता दी जाएगी।
सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने बताया कि 17 सितंबर से प्रदेश में सेवा सप्ताह शुरू हो रहा है। इसके तहत उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद प्रदेशभर के होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट संचालकों को विभागीय योजनाओं से जोड़ने और अपनी इकाइयों का पंजीकरण कराने के लिए ‘गो ग्रीन विद उत्तराखंड टूरिज्म’ नाम से एक वैकल्पिक ग्रीन मान्यता कार्यक्रम संचालित करेगा।
सेवा सप्ताह के दौरान राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों और पर्यटक आवास गृहों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे। इसके साथ ही पर्यटन विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
सचिव पर्यटन ने कहा कि होमस्टे और बीएंडबी इकाइयां ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय आतिथ्य की रीढ़ हैं। सेवा सप्ताह के दौरान अधिक से अधिक होमस्टे को पंजीकृत कर उन्हें आधिकारिक पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
जो होमस्टे सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक मुक्त जैसी पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाओं को अपनाएंगे, उन्हें पर्यटन विभाग की ओर से इको-फ्लावर बैज और विशेष सरकारी प्रोत्साहन दिया जाएगा।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड को हरित और सतत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रदेश के सभी होमस्टे संचालकों से अपनी इकाइयों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने और ग्रीन मान्यता अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
