The grand opening of the Chaitola fair in Champawat, crowds of devotees gathered at the Chaukham Baba Chamu Devta temple.
उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट गुमदेश क्षेत्र स्थित चौखाम बाबा चमू देवता मंदिर में 3 दिवसीय चैतोला मेले का शुभारंभ शुक्रवार को पूरे विधि-विधान व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ। ढोल-नगाड़ों व जयकारों के बीच मेले की शुरुआत बेहद भव्य रही और पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भी उमड़ पड़ी।
मंदिर परिसर “जय चमू देवता” के उद्घोष से गूंज भी उठा। विशेष पूजा-अर्चना भास्कर पांडेय व अनुराग पांडेय द्वारा कराई गई, जबकि पुरोहित शंकर दत्त पांडेय और मेला समिति अध्यक्ष खुशाल सिंह धौनी ने बताया कि विभिन्न गांवों से आए जत्थों ने मंदिर की परिक्रमा कर माहौल को भक्तिमय भी बना दिया।
मेले में त्यूरी, बरगोली, मड़, धौनी शिलिंग, जिंडी, बसकुनी, न्योलटुकरा, जाख, सिरकोट व चौपता सहित कई गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में भी पहुंचे। देर शाम पूजा के बाद परंपरा अनुसार चमू देवता का डोला मड़ गांव ले जाया गया, जहां रातभर भजन-कीर्तन और जागरण भी हुआ।
शनिवार को मेले का मुख्य आकर्षण डोला यात्रा रहेगी, जिसमें चमू देवता का डोला रथ में सवार होकर मड़ गांव से मंदिर तक लाया जाएगा। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना भी है और एक दर्जन से अधिक गांवों के जत्थे भव्य जुलूस भी निकालेंगे।
चैतोला मेले की आस्था का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विदेशों में रह रहे क्षेत्रवासी भी इसमें शामिल होने के लिए अपने गांव में लौट आए हैं। वहीं, बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व एसएसबी के जवानों की तैनाती भी की गई है।
यह मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक व धार्मिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है, जो हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित भी करता है।
