कुंभ मेले में दिखेगी उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति, 500-700 देव डोलियां बनेंगी आकर्षण
हरिद्वार में आयोजित होने वाले आगामी कुंभ मेले में इस बार उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक व आध्यात्मिक परंपराओं की विशेष झलक देखने को मिलेगी। गढ़वाल व कुमाऊं क्षेत्र से सैकड़ों देव डोलियां कुंभ की भव्यता को और बढ़ाएंगी।
देव डोलियों की शोभायात्रा और गंगा स्नान की तैयारियों को लेकर मेला नियंत्रण भवन में मेलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में बैठक आयोजित भी की गई। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, शोभायात्रा मार्ग, स्नान तिथियों व ठहराव स्थलों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मेला प्रशासन के अनुसार, इस बार कुंभ में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से 500 से 700 देव डोलियां हरिद्वार में पहुंचेंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र भी होंगी। आयोजन को पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप भव्य स्वरूप देने पर जोर भी दिया गया है।
मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि देव डोलियों की शोभायात्रा कुंभ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत भी करेगी, जिससे देश-विदेश के श्रद्धालु उत्तराखंड की लोक परंपराओं से परिचित भी हो सकेंगे। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए जाएंगे।
राज्य सरकार की ओर से भी तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की दिशा में काम भी किया जा रहा है।
बैठक में लैंसडाउन विधायक दिलीप रावत ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली देव डोलियों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर कार्यक्रम को अंतिम रूप भी दिया जाएगा।
इसके अलावा गढ़वाल व कुमाऊं मंडलों में अलग-अलग संयोजक नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है, जो देव डोलियों के आगमन और कार्यक्रमों का समन्वय भी करेंगे। शुभ मुहूर्त के आधार पर स्नान व शोभायात्रा की तिथियां तय की जाएंगी।
अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि हरिद्वार में लोक संस्कृति पर आधारित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे कुंभ मेले को और अधिक दिव्य व भव्य बनाया जा सके।