Social Welfare Minister Khajan Das's first review meeting, emphasis on transparency and timely implementation of schemes
देहरादून में प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक भी की। कार्यभार संभालने के बाद यह उनकी पहली औपचारिक बैठक थी, जिसमें विभाग की योजनाओं, उनकी प्रगति व आगामी कार्ययोजना पर गहन मंथन भी हुआ।
बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि समाज कल्याण विभाग सीधे तौर पर कमजोर, वंचित व जरूरतमंद वर्गों से जुड़ा है, इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त ही नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री ने वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन सहायता, छात्रवृत्ति व अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए नियमित मॉनिटरिंग और फीडबैक सिस्टम विकसित करने पर जोर भी दिया। साथ ही उन्होंने विभागीय कार्यों में तकनीक के अधिक उपयोग की बात कही, ताकि पारदर्शिता बढ़े व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।
पीएम नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में समाज कल्याण विभाग की अहम भूमिका भी है। वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य को विकास के नए आयाम देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समाज कल्याण से जुड़े विभागों की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित भी की जाएगी, जिसमें योजनाओं की समीक्षा व बेहतर समन्वय के लिए नई रणनीतियां तय की जाएंगी।
बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने की अपेक्षा भी जताई।
