Land dispute sparks uproar in Luxor; statue's foundation demolished; three arrested
लक्सर। कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामपुर रायघाटी में शुक्रवार देर रात भूमि विवाद ने हिंसक रूप ही ले लिया। पृथ्वीराज चौहान की प्रस्तावित मूर्ति स्थापना व पंचायत भूमि पर कब्जे के आरोपों को लेकर दो पक्ष आमने-सामने भी आ गए। बात इतनी बढ़ी कि दोनों ओर से जमकर पथराव भी हुआ। उपद्रवियों ने मूर्ति स्थापना के लिए बनाई जा रही फाउंडेशन भी तोड़ डाली। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए 3 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
ग्राम पंचायत की जिस भूमि पर मूर्ति स्थापना के लिए फाउंडेशन का काम भी चल रहा था, उस पर पूर्व प्रधान ब्रह्म सिंह व उनके पुत्र नीति राज ने स्वामित्व का दावा भी कर दिया। उनका कहना है कि खाता संख्या 00607 और खसरा संख्या 477/1म (रकबा 0.1050) उनके नाम भी दर्ज है।
पूर्व प्रधान का आरोप है कि वर्तमान प्रधान पति रविंद्र चौहान व उनके समर्थक मंदिर की आड़ में जबरन जमीन पर कब्जा भी करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वे पहले मूर्ति स्थापना के लिए सहमति भी दे चुके थे, लेकिन अब अतिरिक्त भूमि पर कब्जे की कोशिश भी की जा रही है।
पथराव और तोड़फोड़
पूर्व प्रधान का कहना है कि उन्होंने विवाद पर फैसले के लिए कुछ रिश्तेदारों को भी बुलाया था, लेकिन प्रधान पक्ष देर शाम बड़ी संख्या में लोगों को बुलाकर मौके पर भी पहुंच गया। कहासुनी के बाद दोनों ओर से पथराव भी शुरू हो गया।
- पूर्व प्रधान के घर पर पथराव
- कार का शीशा टूटा
- घर में ईंट-पत्थर बिखरे
- परिजनों ने घर में घुसकर बचाई जान
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी जमीन से पॉपुलर के पेड़ जबरन ही काटे गए थे।
प्रधान पक्ष का जवाब
प्रधान पक्ष का कहना है कि जमीन मंदिर की है व विवाद की शुरुआत पूर्व प्रधान ने की। उनका आरोप है कि पहले पत्थरबाजी विरोधी पक्ष ने की, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाब भी दिया गया। साथ ही ब्रह्म सिंह पर बाहर से लोगों को बुलाकर तनाव बढ़ाने का भी आरोप लगाया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही भिक्कमपुर चौकी प्रभारी नवीन चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात पर काबू भी पाया। पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है—
- सूर्य प्रताप सिंह (भोपा, मुजफ्फरनगर)
- पारस कुमार (रामराज)
- अनिल (रामपुर रायघाटी)
मामला कोर्ट में लंबित
लक्सर उपजिलाधिकारी सौरभ असवाल ने बताया कि यह विवाद सिविल कोर्ट में लंबित भी है। पहले भी संबंधित रिपोर्ट न्यायालय को भेजी गई थी। कोर्ट के फैसले के बाद ही आगे की कार्रवाई भी तय होगी।
ग्राम पंचायत में घटना के बाद तनाव का माहौल है, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में ही है।
