Weather is cold, but power demand is hot—state exceeds 40 million units, increasing pressure on UPCL
देहरादून: प्रदेश में मौसम में बदलाव और ठंडक के बावजूद बिजली की मांग लगातार ही ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। हालात यह हैं कि बिजली की खपत 4 करोड़ यूनिट से ऊपर पहुंच गई है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था यूपीसीएल के लिए चुनौती भी बनती जा रही है।
पिछले 5 दिनों में तापमान में गिरावट आई है, लेकिन इसके बावजूद बिजली की मांग करीब 4.4 करोड़ यूनिट भी दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि गैस की किल्लत के चलते इंडक्शन चूल्हों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर बिजली की खपत पर भी पड़ रहा है। यूपीसीएल ने अनुमान जताया है कि आने वाले समय में केवल इंडक्शन के बढ़ते उपयोग से ही करीब 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की मांग भी बढ़ सकती है।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो यूजेवीएनएल का उत्पादन न्यूनतम स्तर पर है व करीब 58 लाख यूनिट बिजली ही पैदा हो पा रही है। वहीं, बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यूपीसीएल को केंद्रीय पूल से लगभग 1.2 करोड़ यूनिट बिजली भी मिल रही है, जबकि बाकी की जरूरत बाजार व अन्य स्रोतों से पूरी की जा रही है।
हालांकि फिलहाल प्रदेश में कहीं भी बिजली कटौती नहीं की जा रही है, लेकिन जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, बिजली आपूर्ति को बनाए रखना और भी चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है।
यूपीसीएल के निदेशक परिचालन एमआर आर्य के मुताबिक, “वर्तमान में मांग के अनुरूप बिजली उपलब्ध भी कराई जा रही है और कहीं भी घोषित कटौती नहीं है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रणनीति भी तैयार की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति भी मिलती रहे।”
