उत्तराखंड के 200 सरकारी स्कूलों में जारी रहेंगे व्यावसायिक पाठ्यक्रम, शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश

उत्तराखंड के सरकारी विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम फिलहाल बंद नहीं होगा। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नई एजेंसी का चयन होने तक पूर्व में कार्यरत संस्था के माध्यम से ही 200 विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि संबंधित कंपनी का अनुबंध समाप्त होने के बाद एक अप्रैल से इन विद्यालयों में पाठ्यक्रमों के संचालन पर असर पड़ा था। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्री ने अंतरिम व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

समीक्षा बैठक में डॉ. रावत ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत बजट के समय पर उपयोग न होने पर अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और बजट खर्च करने में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही शिक्षकों की पदोन्नति और स्थानांतरण की लंबित प्रक्रियाओं को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि 8 और 9 अगस्त को देहरादून में दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य हिस्सा लेंगे। कार्यशाला के दौरान विभिन्न जिलों में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत किए गए नवाचारों और बेहतर कार्यों का प्रस्तुतीकरण भी किया जाएगा।

इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने विद्यालयों में स्थापित आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास और वर्चुअल कक्षाओं जैसी योजनाओं का जमीनी स्तर पर भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश भी महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को दिए, ताकि इन योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।