उत्तराखंड में कूड़ा उठान व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब नगर निकायों में चलेंगे इलेक्ट्रिक वाहन
उत्तराखंड में शहरी स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी व पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए राज्य सरकार कूड़ा उठान प्रणाली में बड़ा बदलाव भी करने जा रही है। इसके तहत पहली बार नगर निकायों में कूड़ा उठाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल की योजना भी तैयार की गई है। इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाना, प्रदूषण कम करना व निकायों के खर्च में कमी लाना है।
दरअसल नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों में कूड़ा उठान और उसके प्रबंधन की व्यवस्था लंबे समय से एक बड़ी चुनौती भी बनी हुई है। इसके लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों के साथ-साथ वाहनों की व्यवस्था, रखरखाव व ईंधन पर भारी खर्च भी करना पड़ता है। ऐसे में शहरी विकास विभाग अब इस व्यवस्था को आधुनिक व पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने की दिशा में काम भी कर रहा है।
योजना के तहत नगर निकायों में कूड़ा उठान के लिए छोटे ई-वाहनों से लेकर बड़े ई-ट्रकों तक की खरीद भी की जाएगी, ताकि शहरों की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक कूड़ा संग्रहण का कार्य सुचारू रूप से भी किया जा सके। इसके साथ ही इन वाहनों के संचालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का भी विकास किया जाएगा। खासतौर पर ई-वाहनों की चार्जिंग के लिए विभिन्न स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाने की योजना है।
सरकार की योजना के अनुसार पहले चरण में करीब 50 छोटे इलेक्ट्रिक वाहन व लगभग 80 ई-ट्रक खरीदे जाएंगे। इनका उपयोग मुख्य रूप से नए नगर निकायों में किया जाएगा, ताकि वहां शुरू से ही आधुनिक व पर्यावरण अनुकूल कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था भी लागू की जा सके।
हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और लंबी दूरी को देखते हुए वहां फिलहाल डीजल वाहनों का उपयोग जारी ही रहेगा। लेकिन जिन नगर निकायों में इलेक्ट्रिक वाहन प्रभावी तरीके से काम भी कर सकते हैं, वहां इन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इससे एक ओर पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ेगा, वहीं निकायों के खर्च में कमी भी आएगी।
शहरी विकास सचिव नितेश झा ने बताया कि उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण को हमेशा प्राथमिकता भी दी जाती रही है। इसी दिशा में कूड़ा उठान व्यवस्था में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और शहरों की वायु गुणवत्ता बेहतर भी बनेगी।
पहले चरण में उधम सिंह नगर जिले के 4 निकाय, देहरादून का 1 निकाय, हरिद्वार जिले के 5 निकाय और टिहरी जिले के 1 निकाय में इस योजना को लागू किया जाएगा। यहां ई-वाहनों के जरिए कूड़ा उठान व्यवस्था शुरू कर इसके परिणामों का आकलन भी किया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में इसे राज्य के अन्य नगर निकायों में लागू भी किया जा सकता है।