The Selaqui incident became a big lesson trust was broken twice, costing the life of an innocent child.
देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में सामने आया ताजा मामला रिश्तों में विश्वासघात का दर्दनाक उदाहरण भी बन गया है। पीड़िता की मां पहले धोखे का सामना भी कर चुकी है—जब उसके अपने पति ने ही उसकी नाबालिग बहन के साथ दुष्कर्म किया था और फिलहाल वह आरोपी जेल में ही है। परिवार टूट चुका था, इसलिए मां ने अपनी बेटी को माहौल से दूर सुरक्षित भविष्य देने की उम्मीद में सेलाकुई में भेजा। लेकिन यहां भी उसे अंदाजा ही नहीं था कि बहन के पति के रूप में एक और दरिंदा उसकी बच्ची का इंतजार कर रहा है।
पीड़िता मूल रूप से जौनसार-बावर क्षेत्र की रहने वाली है। पिता के जेल जाने के बाद परिवार बिखर गया—एक भाई गांव में है, दूसरा प्रेमनगर में नौकरी कर रहा है, जबकि मां मायके में रहकर अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य की कोशिशों में भी लगी थी।
पीड़िता की बहन की शादी सहारनपुर जिले के एक गांव में हुई थी। बहन का पति सेलाकुई में दुकान चलाता है और वहीं किराये पर ही रहता है। करीब एक वर्ष पहले मां ने भरोसा करते हुए अपनी बेटी को बहन व जीजा के साथ पढ़ने के लिए सेलाकुई भेज दिया था।
बच्ची शहर आई थी ताकि पढ़-लिखकर आगे बढ़ सके, लेकिन मौसा के रूप में छिपे आरोपी ने रिश्तों की पवित्रता को तार-तार ही कर दिया। नाबालिग के सपनों को रौंदने वाली इस घटना ने पीड़िता की मां को दूसरी बार भीतर तक ही तोड़ दिया है।
