The second phase of the Gadu Ghada Yatra to Badrinath Dham begins; it will be installed in the sanctum sanctorum on April 23.
उत्तराखंड के चमोली जनपद में भगवान बदरी विशाल के तिल के तेल से भरे गाडू घड़ा की द्वितीय चरण की यात्रा सोमवार को विधि-विधान के साथ शुरू भी हो गई। यात्रा का शुभारंभ डिमरी पुजारी समुदाय के मूल गांव डिम्मर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से विशेष पूजन-अर्चन और बाल भोग के बाद वेद मंत्रोच्चार के बीच भी किया गया।
गाडू घड़ा यात्रा डिम्मर से उमट्ठा, पाखी, रविग्राम, लंगासू, चमोली, बिरही व पीपलकोटी होते हुए बद्रीनाथ मंदिर की ओर अग्रसर है। सोमवार को यात्रा का रात्रि प्रवास नृसिंह मंदिर में हुआ।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 22 अप्रैल को गाडू घड़ा बदरीनाथ धाम पहुंचेगा व 23 अप्रैल को कपाट उद्घाटन के साथ इसे गर्भगृह में स्थापित भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार, पूरे वर्ष भगवान बदरी विशाल का अभिषेक इसी तिल के तेल से भी किया जाता है।
यात्रा के दौरान डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हैं। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर फूलों की वर्षा और ढोल-दमाऊं के साथ गाडू घड़ा का भव्य स्वागत भी किया जा रहा है।
गौरतलब है कि केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा औपचारिक रूप से शुरू भी हो जाएगी।
