The lives of travellers are in danger on the Gomukh track, they are crossing the Bhagirathi river with the help of ropes
उत्तरकाशी। गोमुख दर्शन के लिए जा रहे ट्रैकर्स व पर्यटकों की जान खतरे में है। भागीरथी नदी पर पुलिया नहीं होने के कारण उन्हें रस्सियों के सहारे नदी पार भी करनी पड़ रही है। क्षेत्र में तैनात स्वास्थ्य मित्र इन यात्रियों की मदद तो कर रहे हैं, लेकिन यह पूरी प्रक्रिया अत्यंत जोखिमपूर्ण भी है। वन विभाग की ओर से अब तक कोई अस्थायी पुलिया या वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग उपलब्ध ही नहीं कराया गया है।
गोमुख ट्रैक पर बढ़ रही भीड़, बढ़ रहा जोखिम
गोमुख ट्रैक खुलने के बाद पर्यटकों और ट्रैकर्स की संख्या में लगातार इज़ाफा भी हो रहा है। हालांकि, रास्ते के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हैं, और खासतौर पर भागीरथी नदी को पार करना एक बड़ी चुनौती भी बन गया है। रस्सियों के सहारे नदी पार करना किसी भी हादसे को न्योता दे सकता है, खासकर तब जब जलस्तर अचानक ही बढ़ जाए।
भोजवासा ट्रॉली भी नहीं चल रही सुचारू रूप से
भोजवासा में लगी ट्रॉली सेवा भी पूरी तरह सुचारू ही नहीं है, जिससे ट्रैक पर आने-जाने वाले यात्रियों को और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और ट्रैकर्स की ओर से लगातार यह मांग की जा रही है कि जल्द से जल्द अस्थायी पुलिया व आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।
वन विभाग का पक्ष
इस संबंध में गंगोत्री नेशनल पार्क के रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि भोजवासा में ट्रॉली संचालन भी किया जा रहा है और क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारी पर्यटकों की सुरक्षा के लिए तैनात हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटक अभी पुराने मार्ग से गोमुख तक भी जा रहे हैं।
