The High Court has taken a tough stand on two Khurpatal resorts, raising questions about their operations until regulations are followed.
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने खुर्पाताल स्थित 2 रिसॉर्ट्स के कथित अवैध संचालन को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की अगली सुनवाई 3 जून को भी तय की है। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई भी हुई। हरिद्वार निवासी ललित मिगलानी ने जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि खुर्पाताल स्थित मैसर्स हॉलिडे होम व मैसर्स डायनेस्टी रिसॉर्ट पर्यावरणीय नियमों का पालन किए बिना संचालित ही किए जा रहे हैं।
याचिका में कहा गया कि उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच में दोनों रिसॉर्ट्स को नियमों के उल्लंघन का दोषी भी पाया था। वहीं मैसर्स डायनेस्टी रिसॉर्ट के खिलाफ 20 अप्रैल 2026 को बंद करने का आदेश भी जारी किया गया था। बावजूद इसके रिसॉर्ट का संचालन जारी रहने का आरोप भी लगाया गया है।
सुनवाई के दौरान बोर्ड के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि 48 घंटे के भीतर यह सुनिश्चित भी किया जाएगा कि संबंधित रिसॉर्ट तब तक बंद रहे, जब तक सभी वैधानिक नियमों का पालन ही नहीं हो जाता।
हाईकोर्ट ने मामले में नए प्रतिवादियों को स्पीड पोस्ट के जरिए नोटिस भी जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नैनीताल के जिलाधिकारी व एसडीएम को भी पक्षकार बनाने की अनुमति दी गई है। कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिए कि जलग्रहण क्षेत्र से हटाए गए अस्थायी स्टॉल दोबारा स्थापित ही न होने पाएँ और इसकी नियमित निगरानी भी की जाए। संबंधित एसडीएम को अगली सुनवाई तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश भी दिए गए हैं।
