ऊर्जा निगमों में एमडी पद की अर्हता बदली, अब गैर-तकनीकी अधिकारी भी बन सकेंगे प्रमुख

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के ऊर्जा निगमों में प्रबंध निदेशक (एमडी) पद की अर्हता में बड़ा बदलाव भी किया है। कैबिनेट ने बुधवार को प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए निर्णय लिया कि अब गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि वाले अधिकारी भी इन निगमों के एमडी भी बन सकेंगे।

यह बदलाव पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल), उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) व उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) में लागू भी होगा। पहले इन निगमों में एमडी पद के लिए तकनीकी योग्यता—जैसे बीटेक या अन्य इंजीनियरिंग डिग्री—अनिवार्य ही थी। अब इस शर्त में बदलाव भी कर दिया गया है।

सरकार के इस फैसले के बाद ऊर्जा निगमों में गैर-तकनीकी अर्हता वाले अधिकारियों के एमडी बनने का रास्ता भी खुल गया है। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस निर्णय की पुष्टि भी की है।

दरअसल, हाल ही में इस मुद्दे पर न्यायिक हस्तक्षेप हुआ था। 18 फरवरी को उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पिटकुल के प्रभारी एमडी पी.सी. ध्यानी को पद से हटाने का आदेश भी दिया था। अदालत ने कहा था कि उनका तकनीकी बैकग्राउंड नहीं है, जबकि पिटकुल के एक्ट के अनुसार एमडी पद के लिए तकनीकी योग्यता आवश्यक भी है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया था कि यदि सरकार चाहे तो उचित कारणों के साथ संबंधित अधिनियम में संशोधन भी कर सकती है। अब कैबिनेट के फैसले के बाद ऊर्जा निगमों में एमडी पद के लिए अर्हता बदलने का रास्ता भी साफ हो गया है।