Shocking irregularities in the Uttarakhand voter list! Discrepancies in the entries of over 1.9 million voters.
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण में 19.04 लाख से अधिक मतदाताओं की जानकारी में बड़ी विसंगतियां भी सामने आई हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, करीब 2 लाख मतदाताओं के माता-पिता की उम्र रिकॉर्ड में नाबालिग जैसी भी दर्ज है, जबकि 92 हजार से अधिक मतदाताओं के दादा-दादी की उम्र भी असामान्य रूप से कम भी पाई गई है।
इसके अलावा 5.26 लाख से ज्यादा मतदाता ऐसे हैं, जिनका रिकॉर्ड आयोग मैप ही नहीं कर पाया है। नोटिस के बाद भी जानकारी नहीं मिलने पर इनके नाम मतदाता सूची से हटाए भी जा सकते हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 2.39 लाख मामलों में दो बच्चों की जन्म तिथि के बीच 9 महीने से कम का अंतर दर्ज है, जबकि हजारों मतदाताओं के नाम, रिश्तेदारों की जानकारी और पते में भी गंभीर त्रुटियां भी मिली हैं।
जिलों की बात करें तो देहरादून, हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक गड़बड़ियां सामने आई हैं। चुनाव आयोग अब सभी विसंगतियों का सत्यापन कर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की प्रक्रिया में भी जुटा है।
