Search continues for missing trekker from Dayara Bugyal, no clue found even on fifth day
उत्तरकाशी: दयारा बुग्याल ट्रैक से लापता रामनगर निवासी महिला ट्रैकर बबीता पांडे की तलाश 5वें दिन भी जारी रही, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग ही नहीं मिल पाया है। खोज अभियान में एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन, सेना, आईटीबीपी, वन विभाग व अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
बुधवार को विशेष सर्च टीमों ने गोई क्षेत्र स्थित झील व आसपास के जल स्रोतों में गहन तलाशी अभियान चलाया। डीप डाइविंग टीमों की भी मदद ली गई, लेकिन लापता ट्रैकर का कोई पता ही नहीं चल सका। करीब डेढ़ सौ से अधिक जवान व अधिकारी लगातार सर्च ऑपरेशन में लगे हुए हैं।
पुलिस ने मामले में बबीता पांडे के साथ ट्रैकिंग पर गए दोनों युवक साथियों के खिलाफ अपहरण का मामला भी दर्ज कर लिया है। उनसे पूछताछ भी की जा रही है। बताया जा रहा है कि बबीता अपने मित्र ऊधमसिंह नगर निवासी हरमनपाल व शाहजहांपुर निवासी हरमनप्रीत के साथ दयारा बुग्याल घूमने आई थी।
घटना के बाद वन विभाग ने एहतियातन दयारा बुग्याल ट्रैक पर ट्रेकिंग गतिविधियों पर अस्थायी रोक भी लगा दी है। विभाग का कहना है कि ट्रेकिंग व पर्यटन से जुड़ी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और रेस्क्यू अभियान प्रभावित भी न हो।
हालांकि ट्रेकिंग एसोसिएशन ने इस फैसले पर आपत्ति भी जताई है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि एक घटना के कारण सभी ट्रेकर्स व एजेंसियों को रोकना उचित ही नहीं है। उनका सुझाव है कि प्रशासन पंजीकरण व निगरानी व्यवस्था को और सख्त बनाए।
वन प्रभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सुरक्षा व रेस्क्यू अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि समीक्षा पूरी होने के बाद ट्रैक को जल्द ही दोबारा खोल भी दिया जाएगा।
