Rudraprayag Homestay scheme makes women self-reliant, rural economy gets a new boost
पहाड़ी जिलों में लागू होमस्टे योजना का लाभ अब बड़े स्तर पर महिलाओं को भी मिल रहा है। इस योजना के माध्यम से महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं और आत्मनिर्भर बनकर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जनपद रुद्रप्रयाग में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रभावी कदम भी उठाए जा रहे हैं। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त भी बनाया जा रहा है।
इसी क्रम में जनपद के मक्कू मठ क्षेत्र में महिलाओं द्वारा संचालित ‘अपणु घर’ होमस्टे आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल बनकर भी उभरे हैं। इन होमस्टे का संचालन पूरी तरह स्थानीय महिलाओं के हाथों में है, जहां छह महिलाएं स्वयं प्रबंधन, अतिथि सत्कार, साफ-सफाई व दैनिक संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
खंड विकास अधिकारी ऊखीमठ अनुष्का ने बताया कि सभी महिलाएं अब आत्मनिर्भर भी हो चुकी हैं। होमस्टे को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। दूर-दराज से पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, जिससे महिलाओं को नियमित और अच्छी आमदनी भी हो रही है। उन्होंने बताया कि इस मॉडल को अन्य गांवों में भी लागू करने की दिशा में प्रयास भी किए जा रहे हैं।
इन होमस्टे के निर्माण व विकास के लिए बाल विकास विभाग, हिमोत्थान सोसायटी और मनरेगा के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जिससे महिलाओं को स्थायी स्वरोजगार का अवसर भी मिला।
इस पहल से न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास व सामाजिक सशक्तिकरण को भी मजबूती मिली है। मक्कू मठ के ये होमस्टे स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक आतिथ्य व महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहे हैं। उत्तराखंड में होमस्टे योजना युवाओं और महिलाओं के लिए घर बैठे रोजगार का प्रभावी साधन बनती जा रही है, जो आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक अहम कदम भी है।
