Rohit Negi murder case Police encounter with main accused, injured by bullet, admitted to hospital
देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में बीजेपी नेता और स्टोन क्रशर मालिक रोहित नेगी हत्याकांड में फरार चल रहे 2 मुख्य आरोपियों की देर रात पुलिस से मुठभेड़ हो गई। मुजफ्फरनगर के मंगलौर बॉर्डर पर आरोपियों के दिखाई देने पर पुलिस ने उन्हें पकड़ने का प्रयास भी किया, लेकिन भागने की कोशिश में दोनों ने फायरिंग ही शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली दोनों के पैरों में ही लगी। दोनों आरोपियों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती भी कराया गया है।
पुलिस का ऑपरेशन:
पुलिस ने हत्याकांड के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। इसी दौरान मोहम्मद अजहर (निवासी प्रधान पट्टी बरला, थाना पुरकाजी, मुजफ्फरनगर) और आयुष कुमार उर्फ सिकंदर (निवासी मालैन्डी, शामली) बॉर्डर क्षेत्र में नजर आए। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे व फायरिंग करने लगे, जिसके बाद मुठभेड़ में उन्हें गोली भी लगी।
क्या है पूरा मामला:
घटना मंगलवार तड़के की है, जब प्रेमनगर पुलिस को सूचना मिली कि मांडूवाला के पीपल चौक पर एक युवक को गोली मारी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस को जानकारी मिली कि घायल को ग्राफिक एरा अस्पताल में ले जाया गया है। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत भी घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बीजेपी नेता रोहित नेगी के रूप में हुई।
जांच में सामने आया कि रोहित नेगी अपने कुछ दोस्तों व एक युवती के साथ पार्टी कर रहे थे। युवती के फोन पर मोहम्मद अजहर का कॉल आया, और दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ। रोहित ने जब यह बातचीत सुनी, तो उसने भी अजहर से बहस की। मामला शांत होने के बाद सभी लोग पार्टी स्थल से निकल भी गए। लेकिन जैसे ही रोहित नेगी अपनी कार से निकले, पहले से घात लगाए बैठे अजहर व उसके साथी ने कार के पास आकर गोली चला दी। गोली रोहित के गले में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत भी हो गई।
पुलिस की कार्रवाई जारी:
एसएसपी देहरादून के अनुसार, घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान भी की जा चुकी है और बाकी फरार आरोपियों की तलाश तेज़ कर दी गई है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा ही नहीं जाएगा।
