Rain havoc in Karnaprayag National Highway blocked, roads washed away, villagers forced to walk 5 km
कर्णप्रयाग/चमोली: उत्तराखंड के चमोली जनपद में लगातार तेज बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त ही कर दिया है। कर्णप्रयाग में सुबह से भारी बारिश का सिलसिला भी जारी है, जिसके चलते बदरीनाथ नेशनल हाईवे एक बार फिर उमटा के पास मलबा गिरने के कारण अवरुद्ध ही हो गया है। वहीं, सिवाई क्षेत्र में रेलवे टनल के पास गदेरे में पानी बढ़ने से अस्थायी सड़क भी बह गई, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है।
कई मार्गों पर भूस्खलन, बोल्डर और मलबा
गौचर-रानो मोटर मार्ग भी गंगानगर रानो के पास पहाड़ी से आए मलबे के कारण बंद भी है। सड़कों पर छोटे-बड़े बोल्डर व भारी मलबा जमा हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह से प्रभावित है।
एक सप्ताह से बंद है हिमनी-बलाण मार्ग, ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ीं
विकासखंड नारायणबगड़ के अंतर्गत हिमनी-बलाण सड़क एक सप्ताह से बंद ही है। कालीताल से आगे मलबा हटाने के लिए पीएमजीएसवाई विभाग की जेसीबी अब तक नहीं पहुंची, जिससे ग्रामीणों को करीब 5 किलोमीटर का सफर पैदल तय भी करना पड़ रहा है।
बलाण गांव के गोविंद सिंह व विक्की कुमार ने बताया कि बार-बार आग्रह के बावजूद विभाग ने अब तक मलबा हटाने के लिए ठोस कदम ही नहीं उठाए। ग्रामीणों ने स्थायी रूप से जेसीबी मशीन तैनात करने की मांग भी की है।
इस बीच, पीएमजीएसवाई विभाग के एई डीएस भंडारी ने बताया कि जेसीबी मशीन भेज दी गई है और जल्द ही मार्ग खोलने का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
झिंझौंणी गांव का संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त
नारायणबगड़ के झिंझौंणी गांव को सड़क से जोड़ने वाला पैदल मार्ग भी भूस्खलन के चलते बुरी तरह क्षतिग्रस्त भी हो गया है। इससे स्कूल, आंगनबाड़ी जाने वाले बच्चों व बुजुर्गों को आवाजाही में गंभीर परेशानी भी हो रही है।
गांव के ग्रामीणों – लक्ष्मण सिंह, आलम सिंह, सुभाष सिंह, गोविंद सिंह, त्रिलोक सिंह और धीरज सिंह – ने स्थानीय विधायक को पत्र लिखकर मांग की है कि विधायक निधि से तत्काल पैदल मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए धन भी स्वीकृत किया जाए।
