No action taken on complaint regarding harassment of wife; recommendation made to take action against Sub-Inspector following youth's suicide.
हल्द्वानी में पत्नी के साथ कथित छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने पहुंचे एक युवक को पुलिस की संवेदनहीनता का सामना भी करना पड़ा। कुछ दिनों बाद युवक ने जहर खाकर आत्महत्या भी कर ली। अब जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने मामले में तत्कालीन चोरगलिया थाना प्रभारी व वर्तमान एसओजी प्रभारी एसआई राजेश जोशी को गंभीर कदाचार व घोर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की है।
प्राधिकरण के अनुसार, गौलापार निवासी महिला ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उसका भाई अपनी पत्नी के साथ हुई छेड़छाड़ की शिकायत लेकर अक्तूबर 2024 में चोरगलिया थाने में पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से ही नहीं लिया। कथित तौर पर थाने में की गई टिप्पणी से युवक मानसिक रूप से आहत भी हो गया और 6 अक्तूबर 2024 को उसने जहर खाकर आत्महत्या ही कर ली।
मामले की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण ने उपलब्ध साक्ष्यों व अभिलेखों की जांच की। जांच में पाया गया कि युवक की अप्राकृतिक मृत्यु की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस ने अपेक्षित संवेदनशीलता भी नहीं दिखाई व पीड़ित परिवार को उचित सहयोग भी नहीं मिला।
प्राधिकरण की अध्यक्ष मीना तिवारी ने आदेश में कहा कि तत्कालीन थाना प्रभारी राजेश जोशी अपने पद के अनुरूप जिम्मेदारी व संवेदनशीलता दिखाने में विफल रहे। इसे गंभीर कदाचार व घोर लापरवाही माना गया है। वहीं, आरक्षी भारत भूषण व वाहन चालक आरक्षी दिनेश कुमार के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण आरोप प्रमाणित ही नहीं पाए गए।
प्राधिकरण ने एसआई राजेश जोशी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई व पीड़ित परिवार को प्रतिकर दिए जाने की सिफारिश करते हुए आदेश की प्रति गृह विभाग को भेज भी दी है।
