Mineral-rich bamboo salt will be produced in Uttarakhand, Bamboo Council announced commercial production
देहरादून। बाजार में महंगे दामों पर बिकने वाला बैंबू सॉल्ट अब जल्द ही उत्तराखंड में व्यावसायिक रूप से भी तैयार किया जाएगा। उत्तराखंड बांस एवं रेशा विकास परिषद ने इसकी उत्पादन प्रक्रिया को हरी झंडी भी दे दी है। परिषद ने इस खास नमक के पोषण तत्वों की जांच के लिए इसे एफआरआई (वन अनुसंधान संस्थान) और एक निजी प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भी भेजा था। निजी संस्थान की रिपोर्ट भी आ चुकी है, जिसमें बैंबू सॉल्ट को खनिजों का अद्भुत स्रोत भी बताया गया है।
पोषण में बेमिसाल: साधारण नमक से कई गुना ज्यादा मिनरल्स
निजी प्रयोगशाला की रिपोर्ट के अनुसार, बैंबू सॉल्ट में:
- फास्फोरस: सामान्य नमक से 7 गुना अधिक
- आयरन (लोहा): 5 गुना अधिक
- मैंगनीज: 3 गुना अधिक
- जिंक: 2 गुना अधिक
वहीं कैल्शियम और सोडियम की मात्रा अपेक्षाकृत कम भी पाई गई, जिससे यह नमक उच्च रक्तचाप से ग्रसित लोगों के लिए भी अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प भी बन सकता है।
कड़वापानी में हुआ पहला उत्पादन, अब बढ़ेगा स्केल
परिषद ने पहली बार हल्द्वानी के कड़वापानी क्षेत्र में बांस को प्रोसेस कर बैंबू सॉल्ट भी तैयार किया था। परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.के. पात्रो ने बताया कि यह नमक न केवल स्वास्थ्यवर्धक है, बल्कि बाज़ार में इसकी मांग व कीमत भी काफी अधिक है। “हम अब इसके व्यावसायिक उत्पादन और ब्रांडिंग की दिशा में आगे भी बढ़ रहे हैं।
कोरियन सॉल्ट के नाम से भी पहचाना जाता है बैंबू सॉल्ट
बैंबू सॉल्ट को कोरियन सॉल्ट के नाम से भी जाना जाता है, जहां यह आयुर्वेदिक व औषधीय उपयोगों के लिए बेहद लोकप्रिय भी है। उत्तराखंड में इसका उत्पादन स्थानीय बांस आधारित उद्योग को भी नई पहचान व आय के अवसर देगा।
आत्मनिर्भर भारत में उत्तराखंड की नई पहल
बांस से बने इस स्वास्थ्यवर्धक नमक की संभावनाओं को देखते हुए यह पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूत करेगी और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा देगी।
