डीएम की पहल से मायाकुण्ड सामुदायिक केंद्र का जीर्णोद्धार, 43 लाख का फंड स्वीकृत

देहरादून: डीएम सविन बंसल की नजरें अब मायाकुण्ड स्थित सामुदायिक केंद्र पर पड़ी हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। केंद्र की जीर्ण-शीर्ण स्थिति के कारण स्थानीय लोग सामुदायिक कार्यों में कठिनाई का सामना भी कर रहे थे। डीएम के संज्ञान में यह मामला आते ही नगर निगम ऋषिकेश की टीम को मौके पर भेजकर आंगनन कराया गया।

यह सामुदायिक केंद्र महिला साक्षरता, कौशल विकास, बाल शिक्षा जैसे कार्यक्रमों का संचालन करता है। इसके साथ ही, देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा सांयकालीन महिला सिलाई प्रशिक्षण और स्थानीय बच्चों के लिए रेमेडियल टीचिंग भी यहां की जाती है। पैरा खिलाड़ी नीरजा गोयल, जो देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट की संचालिका हैं, ने डीएम से इस केंद्र की मरम्मत के लिए निवेदन भी किया था। नीरजा गोयल ने बताया कि इस भवन का उपयोग समुदाय की भलाई के लिए किया जा रहा है और इसे पुनर्निर्मित किया जाना आवश्यक भी है।

डीएम ने इस अनुरोध पर टीम को भेजकर भूमि की स्थिति का आकलन करने के बाद एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद, 43 लाख रुपये की राशि के लिए फंड स्वीकृत किया गया, और निविदा जारी करके काम भी शुरू कर दिया गया है।

सामुदायिक केंद्र मायाकुण्ड नगर निगम ऋषिकेश की संपत्ति है, जहां आसपास के वार्डों के नागरिक सामुदायिक कार्यों को संपन्न करते हैं। केंद्र की मरम्मत से स्थानीय नागरिकों को अपने सामुदायिक कार्यों को सुगमता से करने का अवसर मिलेगा और यह केंद्र समाज के विभिन्न वर्गों के लिए और अधिक उपयोगी साबित होगा।

इस पहल से न केवल सामुदायिक कार्यों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बच्चों की शिक्षा, महिलाओं का कौशल विकास और अन्य सामाजिक गतिविधियों को भी एक नया आयाम मिलेगा।