Landslide in Karnaprayag of Chamoli, debris entered the house, highway closed
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में भूस्खलन की अब एक और घटना सामने आई है। कर्णप्रयाग के उमटा क्षेत्र में पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा आ गिरा, जिससे एक घर उसकी चपेट में भी आ गया। मकान में घुसे मलबे के कारण वहां रह रहे लोगों को तुरंत रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया भी गया।
भूस्खलन के चलते बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी अवरुद्ध भी हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर राहत व पुनर्स्थापना कार्यों में भी जुटी हैं।
पहले भी हुआ था भूस्खलन
रविवार को भी गौचर तलधारी के पास बदरीनाथ हाईवे पर भारी मलबा व एक विशाल बोल्डर भी गिरा था, जिससे हाईवे घंटों तक बंद भी रहा। उस समय हाईवे से गुजर रहे कई लोग बाल-बाल भी बचे थे। इसी प्रकार कर्णप्रयाग-नेनीसैंण मोटर मार्ग पर भी पहाड़ी से चट्टान टूटने से मार्ग अब अवरुद्ध हो गया था, जिसके चलते कपीरीपट्टी के ग्रामीणों को डिम्मर-सिमली होकर लंबा रास्ता भी तय करना पड़ा।
चार जिलों में फिर यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, नैनीताल व चंपावत जिलों के लिए गुरुवार को भी यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बिजली चमकने और तेज बारिश के दौर की संभावना भी जताई गई है।
मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल के अनुसार,
अगले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तीव्र बौछारें भी पड़ सकती हैं, जिससे भूस्खलन व जलभराव का खतरा भीबना हुआ है।
देहरादून में तापमान में उतार-चढ़ाव
देहरादून में बुधवार को हल्की बारिश के बाद निकली धूप के कारण तापमान में इजाफा भी हुआ। अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। धूप निकलने से अधिकतम तापमान में 2.5 डिग्री व न्यूनतम में 1.1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, गुरुवार को फिर से गर्जन और बारिश के कई दौर की संभावना भी जताई गई है, जिससे अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री की गिरावट भी आ सकती है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों व यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लें और पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन से जानकारी अवश्य ही प्राप्त करें।
