Inspection of Landour market by CBRI in view of the danger of landslide and disaster in Mussoorie
मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में भू-धंसाव और आपदा के बढ़ते खतरे को लेकर केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के वैज्ञानिकों की टीमें सक्रिय हो गई हैं। आज शुक्रवार, 4 अप्रैल को CBRI रुड़की के चार वैज्ञानिकों और 18 इंजीनियरों की एक टीम ने मसूरी के लंढौर बाजार और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
टीम ने क्षेत्र में जमीन का स्थलीय निरीक्षण किया और विभिन्न भवनों का वैज्ञानिक तरीके से सर्वेक्षण कर उनकी ग्रेडिंग की। इस सर्वे के आधार पर CBRI एक रिस्क मैप तैयार करेगा, जो भविष्य में किसी भी मानव निर्मित या प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य में सहायक होगा।
आपदा से निपटने की योजना और भवनों की ग्रेडिंग
सीबीआरआई के वैज्ञानिक आशीष कपूर ने बताया कि टीम ने मसूरी नगर के विभिन्न इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे किया। उन्होंने कहा, “हमारी टीम ने स्थानीय भवनों का सर्वे करके उनकी स्थिति का मूल्यांकन किया है। इसके बाद हम आपदा से निपटने के लिए योजनाएं तैयार करेंगे।”
सर्वेक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि मसूरी में कुछ ऊंची इमारतें नियमों के विपरीत बनाई गई हैं, जो सुरक्षा के दृष्टिकोण से ठीक नहीं हैं। इस सर्वेक्षण में इन बिंदुओं को भी उठाया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) के अनुसार जागरूकता:
साथ ही, मसूरी में भवन निर्माण के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) के अनुसार लोगों को जागरूक किया जाएगा। यह कदम भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए उठाया गया है। “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू हो सकें और भवनों को कम से कम नुकसान हो,” कपूर ने कहा।
सर्वे का कार्य 8 अप्रैल तक जारी रहेगा:
यह सर्वेक्षण 8 अप्रैल तक जारी रहेगा, और स्थानीय प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके अलावा, CBRI और NDMA की टीम ने पहले कर्णप्रयाग और नैनीताल का भी निरीक्षण किया है, और अब मसूरी के बाद हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों का निरीक्षण किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन की सहभागिता:
अधिशासी अधिकारी तनवीर मारवाह ने बताया कि इस निरीक्षण में लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की टीम भी शामिल है। यह टीम अगले पांच दिनों तक मसूरी के विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी।
2023 में भी मसूरी के लंढौर बाजार में भू-धंसाव की घटना सामने आई थी, जिसके बाद कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने इलाके का निरीक्षण किया था और रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।
इस सर्वेक्षण का उद्देश्य मसूरी के निवासियों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और भविष्य में किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाना है।
