Impact of mobile phones and maternal homes on relationships 491 couples visited the women's cell in eight months.
उधमसिंहनगर में बढ़ते वैवाहिक विवादों ने चिंता भी बढ़ा दी है। जिले की महिला सेल में हर दिन पति-पत्नी के झगड़ों से जुड़ी शिकायतें भी पहुंच रही हैं। बीते 8 महीनों में कुल 491 दंपतियों ने शिकायत भी दर्ज कराई है। इनमें से ज्यादातर मामलों में मोबाइल, मायके का हस्तक्षेप और किसी तीसरे व्यक्ति की दखलअंदाजी रिश्तों के टूटने की बड़ी वजह भी बन रहे हैं।
महिला सेल प्रभारी मंजू पांडे के मुताबिक, अधिकतर मामलों में पत्नियां मोबाइल में ही व्यस्त रहती हैं और घर की बातें मायके में साझा करती हैं। वहीं, कई पतियों के किसी अन्य महिला से संपर्क में रहने की शिकायतें तक सामने आई हैं।
पुलिस रिकार्ड के अनुसार:
- 491 मामलों में शिकायत दर्ज
- 143 मामलों में काउंसलिंग से समझौता
- 123 केस कोर्ट ट्रांसफर
- 29 मामलों में एफआईआर दर्ज
- 39 केस अब भी लंबित
महिला सेल में 3 चरणों में काउंसलिंग कराई जाती है। जब भी पति-पत्नी आपसी सहमति से साथ रहने को तैयार ही नहीं होते, तो मामला कोर्ट भी भेजा जाता है।
खास मामले:
- 100 शिकायतें ऐसी महिलाओं की आईं जो शादी के बाद नौकरी करना चाहती थीं, लेकिन ससुराल पक्ष रोक ही लगा रहा था।
- 50 मामले ऐसे भी सामने आए, जहां 25 साल पुरानी शादियां किसी तीसरे व्यक्ति के कारण टूट भी गईं।
मुख्य कारण:
- पत्नी का लगातार मोबाइल पर व्यस्त रहना
- मायके वालों का अधिक दखल
- पति का किसी और महिला से संपर्क
- ससुराल पक्ष का नौकरी करने से रोकना
महिला सेल प्रभारी मंजू पांडे ने कहा —
“मोबाइल, वो और मायके का बढ़ता हस्तक्षेप रिश्तों को तोड़ भी रहा है। हर दिन महिलाएं शिकायत लेकर भी पहुंच रही हैं। हम काउंसलिंग के जरिए समाधान की कोशिश भी कर रहे हैं।”
