Hemkund Trust appeals regarding Karnaprayag violence Weapons are for defending righteousness, not for misuse.
चमोली। कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए कुछ निहंग श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों के बीच हुए हिंसक विवाद के बाद गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट ने घटना पर चिंता जताते हुए शांति व सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। ट्रस्ट ने कहा है कि सिख धर्म में शस्त्रों का महत्व धर्म व मानवता की रक्षा के लिए है, न कि विवादों में उनका दुरुपयोग करने के लिए।
मंगलवार को कर्णप्रयाग में मामूली कहासुनी के बाद कुछ लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि सड़क पर तलवारें तक लहराई गईं और कई लोग घायल भी हो गए। घटना के वीडियो सामने आने के बाद देशभर में इसकी आलोचना भी हो रही है।
घटना के बाद गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट, गोविंदघाट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से संयम व अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि 23 मई से शुरू हुई श्री हेमकुंड साहिब यात्रा में अब तक हजारों श्रद्धालु दर्शन भी कर चुके हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन लगातार ही जारी है। ऐसे में सभी श्रद्धालु यात्रा की गरिमा व धार्मिक मर्यादा का पालन करें।
ट्रस्ट की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से बचना चाहिए व कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे अनावश्यक रूप से शस्त्र साथ लेकर न चलें व विशेष रूप से बच्चों को किसी भी प्रकार के शस्त्र रखने से रोका भी जाए।
ट्रस्ट ने यह भी कहा कि उत्तराखंड अपनी शांतिप्रिय संस्कृति व धार्मिक पहचान के लिए जाना जाता है। देवभूमि में स्थित श्री बदरीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम, गंगोत्री, यमुनोत्री व श्री हेमकुंड साहिब जैसे पवित्र तीर्थस्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी श्रद्धालुओं की ही जिम्मेदारी है।
संदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी प्रकार के विवाद या समस्या की स्थिति में श्रद्धालु कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करें व निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी शिकायत भी दर्ज कराएं।
वहीं, कर्णप्रयाग की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाकपा (माले) के राज्य सचिव व सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रेश मैखुरी ने भी कड़ी नाराजगी भी जताई है। उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतीक के रूप में रखे जाने वाले शस्त्रों का इस्तेमाल मामूली विवादों में लोगों पर हमला करने के लिए भी नहीं किया जा सकता।
मैखुरी ने मांग की कि धारदार हथियारों से हमला करने के आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित भी की जाए।
घटना के बाद प्रशासन व पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। साथ ही यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था व निगरानी भी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति भी न हो।
