Haridwar Main accused gets life imprisonment, girlfriend gets 5 years' imprisonment for murdering live-in partner
हरिद्वार में लिव-इन पार्टनर युवती की हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई है। तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी रोहित को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद व 25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। वहीं सह-अभियुक्ता मंजू को साक्ष्य छिपाने के अपराध में 5 वर्ष का कारावास व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
शासकीय अधिवक्ता कुशल पाल सिंह चौहान के अनुसार, 25 मई 2020 को थाना सिडकुल में मकान मालिक सुखबीर सिंह चौहान की तहरीर पर मुकदमा भी दर्ज हुआ था। आरोप था कि रोहित (निवासी बिहार) व सोनम उर्फ वर्षा (निवासी मध्य प्रदेश) सिडकुल क्षेत्र में किराए के मकान में लिव-इन में ही रह रहे थे। उसी मकान में मंजू भी किराए पर ही रहती थी।
कोरोना लॉकडाउन के दौरान 24 मई 2020 की रात कमरे से बदबू आने की सूचना भी मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बाथरूम में रखे एक सूटकेस से प्लास्टिक में पैक सोनम का शव भी बरामद किया।
जांच में सामने आया कि रोहित का सोनम व मंजू दोनों से प्रेम संबंध था। इसी लव ट्रायंगल के चलते विवाद बढ़ा और रोहित ने मंजू के साथ मिलकर सोनम की हत्या कर शव को सूटकेस में भी छिपा दिया।
पुलिस ने 29 मई 2020 को मंजू को सिडकुल से और बाद में रोहित को गाजियाबाद से गिरफ्तार भी किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह पेश भी किए। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अदालत ने रोहित को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाने) में दोषी ठहराया, जबकि मंजू को धारा 201 में दोषी पाया।
करीब 6 वर्ष की सुनवाई के बाद आए इस फैसले से मृतका के परिजनों को न्याय भी मिला है।
