Haridwar land scam Special audit of former Municipal Commissioner Varun Chaudhary's tenure will be done, report sought in 15 days
हरिद्वार नगर निगम में हुए बहुचर्चित जमीन घोटाले में घिरे पूर्व नगर आयुक्त और निलंबित आईएएस अधिकारी वरुण चौधरी की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। शासन ने उनके 16 महीने के कार्यकाल की विशेष लेखा जांच कराने का निर्णय भी लिया है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर लेखा परीक्षा निदेशालय ने 25 नवंबर 2023 से 20 मार्च 2025 तक के कार्यकाल की जांच के लिए विशेष ऑडिट समिति भी गठित कर दी है। समिति को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट भी पेश करनी होगी।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार नगर निगम द्वारा शहर में कूड़े के ढेर के पास स्थित अनुपयुक्त 35 बीघा कृषि भूमि को बगैर आवश्यकता 54 करोड़ रुपये में खरीदे जाने का एक मामला सामने आया था। इस भूमि की वास्तविक कीमत बेहद कम होने के बावजूद मोटी रकम खर्च करने पर सवाल भी उठे।
ऑडिट के लिए उप निदेशक विजय प्रताप सिंह को पर्यवेक्षक अधिकारी व सहायक निदेशक रजत मेहरा को सहायक पर्यवेक्षक अधिकारी भी बनाया गया है।
इसके अलावा, लेखा परीक्षा अधिकारी किशन सिंह बिष्ट की अगुवाई में गठित ऑडिट टीम में संजय गुप्ता, ओम प्रकाश, भूपेंद्र सिंह व विमल मित्तल भी शामिल हैं। जांच के दौरान सभी अधिकारी अन्य कार्यों से मुक्त रहेंगे और नगर निगम की ओर से उन्हें अलग कार्यालय उपलब्ध भी कराया जाएगा।
ऑडिट पर्यवेक्षक अधिकारियों की निगरानी में यह विशेष जांच पूरी भी की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर वरुण चौधरी के खिलाफ आगे की कार्रवाई भी तय हो सकती है।
