मानसून में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार का फोकस, जरूरत पड़ने पर होगी एयरलिफ्ट

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने मानसून के दौरान गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारी भी की है। स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील व दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर ली है। जरूरत पड़ने पर उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए अस्पताल में पहुंचाने की भी व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को प्रसव से 10 से 15 दिन पहले अस्पतालों के पास स्थित बर्थ वेटिंग होम में शिफ्ट भी किया जाएगा, ताकि खराब मौसम या सड़क बंद होने की स्थिति में भी सुरक्षित प्रसव भी कराया जा सके।

अगस्त, सितंबर व अक्टूबर के लिए गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर ली गई है। आशा कार्यकर्ता और एएनएम लगातार इनकी निगरानी कर रही हैं और टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से भी आवश्यक सलाह भी दी जा रही है।

स्वास्थ्य निदेशक डॉ. शिखा जगपांगी ने बताया कि हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष मॉनिटरिंग भी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर होटल या किराये के कमरों में भी उनके ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि समय पर उन्हें अस्पताल पहुंचाकर सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित भी किया जा सके।