Ganga on the verge of overflowing! Water level just 45 cm away from the warning mark.
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी क्षेत्रों में भी साफ दिखने लगा है। ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और बुधवार शाम तक यह चेतावनी स्तर से महज 45 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश भी दिए हैं।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गंगा के जलस्तर में हर घंटे लगभग 3 से 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। यदि पहाड़ों में बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो अगले 12 से 18 घंटे के भीतर गंगा खतरे के निशान 340.50 मीटर को पार भी कर सकती है।
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए एसडीआरएफ, जल पुलिस और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीमें त्रिवेणी घाट, परमार्थ निकेतन घाट, स्वर्गाश्रम घाट, रामझूला और लक्ष्मणझूला समेत सभी संवेदनशील स्थानों पर तैनात कर दी गई हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों के साथ लाइफ जैकेट, रस्सियां और अन्य आवश्यक रेस्क्यू उपकरण भी मौके पर उपलब्ध कराय गए हैं।
प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर और मुनादी के माध्यम से लोगों और श्रद्धालुओं को गंगा के किनारों से दूर रहने की सलाह दे रहा है। तेज बहाव के बीच स्नान या नदी के समीप जाने से बचने की अपील भी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
एसडीएम कुमकुम जोशी ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और स्थिति से निपटने के लिए सभी राहत एवं बचाव एजेंसियों को तैयार रखा गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भी पालन करें।
