Former employee of Patanjali Organic Research Institute accused of fraud of lakhs, police engaged in investigation
हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र स्थित पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट में एक पूर्व कर्मचारी पर संस्थान को आर्थिक और छवि दोनों ही स्तर पर भारी नुकसान पहुंचाने का एक मामला सामने आया है। संस्थान की ओर से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पथरी थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
संस्थान के प्रतिनिधि गिरीश जोशी द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपी राधेश्याम श्रीवास्तव (निवासी ऐंचवाड़ा, शिवपुरी, मध्यप्रदेश) को साल 2018 में गुना व शिवपुरी क्षेत्र में जैविक उत्पादों के विपणन और वितरण की जिम्मेदारी दी गई थी। इस दौरान वह संस्थान की जैविक खाद, कीटनाशक, बीज व उर्वरक आदि वितरकों तक पहुंचाने का कार्य भी कर रहे थे।
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने पतंजलि के नाम पर कई वितरकों से नकद में भुगतान भी लिया, लेकिन यह राशि संस्थान के खाते में जमा ही नहीं की गई। आरोपों के अनुसार, 1 दिसंबर 2020 से 30 जून 2024 के बीच राधेश्याम ने—
- राव अर्जुन सीड्स एंड एग्रो इंडस्ट्रीज से ₹2,26,656
- पालीवाल कृषि सेवा से ₹21,521
- राजेंद्र ट्रेडर्स से ₹35,280
- गोयल कृषि सेवा सदन से ₹71,100
…की रकम वसूलकर निजी उपयोग में ही खर्च कर दी।
संस्थान का आरोप है कि इस धोखाधड़ी से कंपनी को लगभग ₹3.5 लाख का आर्थिक नुकसान भी हुआ है, और साथ ही संस्थान की प्रतिष्ठा को भी गंभीर क्षति पहुंची है।
थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस सभी वितरकों के बयान व वित्तीय दस्तावेजों की जांच भी कर रही है।
संपर्क सूत्रों के अनुसार, यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में कानूनी कार्रवाई भी तय मानी जा रही है।
