Elderly elephant dies in Haridwar before it could be fitted with a radio collar; succumbs while undergoing treatment.
हरिद्वार में रेडियो कॉलरिंग के लिए चिह्नित करीब 55 वर्षीय हाथी की उपचार के दौरान मौत हो गई। यह हाथी अक्सर आबादी वाले इलाकों और कृषि भूमि में विचरण करता था। कई बार वह हरिद्वार शहर की ओर भी पहुंच जाता था। मानव-हाथी संघर्ष की आशंका और कुंभ मेला-2027 को देखते हुए वन विभाग ने उसे रेडियो कॉलर लगाने के लिए चिह्नित किया था।
वन विभाग के अनुसार, 6 नवंबर को भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), WWF और वन विभाग की संयुक्त टीम ने विशेषज्ञों की निगरानी में हाथी को डार्ट किया। लेकिन इसके बाद उसकी स्थिति बिगड़ने लगी। टीम ने हाथी को बचाने के लिए ऑक्सीजन, CPR, रिवर्सल औषधि और IV फ्लूड समेत तमाम आपातकालीन उपचार दिए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
स्वतंत्र पशु चिकित्सक विशेषज्ञ समिति की ओर से किए गए पोस्टमार्टम में हाथी की उम्र करीब 55 वर्ष पाई गई। जांच में अत्यधिक वृद्धावस्था के कारण हृदय संबंधी गंभीर समस्याएं सामने आईं। इनमें मायोकार्डियल फाइब्रोसिस और कार्डियोमायोपैथी जैसे बदलाव शामिल थे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन समस्याओं के चलते हाथी डार्ट किए जाने के दौरान पैदा हुए शारीरिक तनाव को सहन नहीं कर पाया। वन विभाग का कहना है कि हाथी को बचाने के लिए संयुक्त टीम ने हरसंभव प्रयास किए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
