Online registration will be mandatory before going to Mussoorie – Uttarakhand Tourism Development Board launched registration portal
देहरादून, उत्तराखंड – पर्यटन नगरी मसूरी में अब अनियंत्रित भीड़ व यातायात जाम पर लगाम लगाने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) ने एक नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी भी कर ली है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देश पर बोर्ड ने एक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी तैयार किया है, जिसमें अब मसूरी आने वाले सभी पर्यटकों को पूर्व-पंजीकरण अनिवार्य भी होगा।
क्यों की गई यह व्यवस्था?
मसूरी में हर वर्ष औसतन 20 लाख से अधिक पर्यटक भी पहुंचते हैं, और पीक सीजन में यह संख्या नियंत्रण से बाहर ही हो जाती है। सबसे बड़ी समस्या पार्किंग, जाम व पर्यावरणीय दबाव को लेकर ही होती है। NGT ने इस चुनौती को देखते हुए यूटीडीबी को पूर्व-नियोजन व प्रवेश नियंत्रण की व्यवस्था बनाने के निर्देश भी दिए थे।
इस तरह काम करेगा पोर्टल:
UTDB द्वारा तैयार किए गए पोर्टल पर पर्यटकों को यात्रा से पहले कुछ जरूरी जानकारी भी दर्ज करनी होगी, जिसमें शामिल हैं:
- नाम, मोबाइल नंबर और पता
- परिवहन का माध्यम और वाहन संख्या
- ठहराव स्थल और यात्रा अवधि
- कुल पर्यटकों की संख्या
पंजीकरण लिंक:
https://utdb-v2.ethicstechnology.net/mussooriel
पंजीकरण की प्रक्रिया:
- भारतीय पर्यटक ओटीपी आधारित लॉगिन से पंजीकरण करेंगे
- विदेशी पर्यटकों को ई-मेल के माध्यम से ओटीपी प्राप्त होगा
- सफल पंजीकरण के बाद मिलेगा QR कोड आधारित प्रवेश पास, जिसे मसूरी के एंट्री पॉइंट्स पर दिखाना होगा
मसूरी के मुख्य प्रवेश मार्गों पर 3 चेकप्वाइंट:
- किमाड़ी
- केम्पटी फॉल
- कुठाल गेट
यहां QR कोड स्कैन व ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरों के माध्यम से पर्यटकों के प्रवेश की पुष्टि भी की जाएगी।
क्या होंगे इस व्यवस्था के लाभ?
- पर्यटकों व वाहनों की रियल टाइम संख्या की जानकारी
- ट्रैफिक व पार्किंग प्रबंधन में सहूलियत
- निर्धारित क्षमता से अधिक पर्यटकों के प्रवेश पर रोक
- पर्यटक प्रवाह को सप्ताह और दिन के अनुसार श्रेणीबद्ध करने में मदद
- आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया
- बेहतर संसाधन योजना जैसे पार्किंग, शटल सेवाएं व भीड़ नियंत्रण
प्रशासनिक तैयारी और भागीदारी:
UTDB द्वारा मसूरी क्षेत्र का सर्वेक्षण जारी है। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए नगर पालिका, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन व होमस्टे संचालकों को शामिल भी किया गया है।
धीरज सिंह गरब्याल, सचिव पर्यटन विभाग, ने कहा:
“हम मसूरी में पर्यटन की गुणवत्ता व सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं। पूर्व पंजीकरण व्यवस्था से पर्यावरण संतुलन व यातायात नियंत्रण संभव भी होगा।”
