An example of dedication in education Friendship of two teachers of Rudrapur changed the picture of government school
रुद्रपुर – बॉलीवुड की शोले फिल्म के जय-वीरू की दोस्ती तो आपने सुनी ही होगी, लेकिन उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में 2 शिक्षकों की ऐसी ही एक अनोखी दोस्ती राजकीय प्राथमिक विद्यालय रविंद्रनगर को नई पहचान भी दे रही है।
प्रधानाध्यापक केके शर्मा व सहायक अध्यापक कीर्ति निधि शर्मा की जोड़ी ने न सिर्फ विद्यालय का कायाकल्प किया, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई भी दी है। दोनों ने स्कूल में कदम रखते ही बदलाव की भी ठान ली — नतीजा ये कि आज स्कूल का वातावरण किसी प्राइवेट या कॉन्वेंट स्कूल से कम भी नहीं।
घर से लाए टीवी व DVD और बनाया स्मार्ट क्लास
पढ़ाई के साथ-साथ शिक्षकों ने अपनी तनख्वाह का अंश बच्चों की भलाई के लिए भी समर्पित किया। अपने घर की टीवी व DVD प्लेयर को स्कूल में लगाकर स्मार्ट क्लास की नींव भी रखी। बच्चे अब डिजिटल माध्यम से भी पढ़ाई भी करते हैं, और तो और संस्कृत में बातचीत तक करते हैं।
एक साथ पढ़े, अब एक साथ ही है बदलाव की राह पर
केके शर्मा व कीर्ति निधि शर्मा न सिर्फ सहकर्मी हैं, बल्कि कॉलेज के समय से गहरे मित्र भी रहें हैं। सामाजिक आंदोलनों में भागीदारी से शुरू हुई दोस्ती ने वर्ष 2009 में कीर्ति व फिर वर्ष 2015 में केके शर्मा के एक ही विद्यालय में आने पर शिक्षा की दिशा बदलने की प्रेरणा भी दी।
केके शर्मा कहते हैं,
“हम दोनों हमेशा बच्चों के हित में एक साथ ही खड़े रहते हैं। हमारे लिए यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि बच्चों का भविष्य संवारने का मिशन भी है।”
